हरियाणा में सक्रिय फर्जी खेलसंघ।
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हरियाणा के होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर के फर्जी खेल संघों की सियासत का शिकार हो रहे हैं। ऐसे अनेक संघ हैं, जो इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की मान्यता न होने के बावजूद खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराते रहे हैं। इससे खिलाड़ियों का नुकसान हो रहा है। हरियाणा खेल विभाग की जांच में अनेक उदीयमान खिलाड़ियों के ग्रेडेशन प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं।
अब हरियाणा की मनोहर लाल सरकार इसे देखते हुए फर्जी खेल संघों के खिलाफ आगे आई है। खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन को पत्र लिखकर बिना मान्यता वाले संघों की प्रतियोगिताओं पर अंकुश लगाने का आग्रह किया है। पत्र में बिना मान्यता वाले संघों का पंजीकरण रद्द करने की मांग भी की गई है।
मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि कुछ ग्रेडेशन प्रमाण पत्र खेल नीति के अनुसार फर्जी निकले हैं। जिन खेल प्रतियोगिताओं के आधार पर यह प्रमाण पत्र बनवाए गए, उन्हें कराने वाले संघों को इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की मान्यता ही नहीं थी। इसलिए खेल नीति के तहत इन्हें वैध करार नहीं दिया जा सकता। इसमें खिलाड़ियों की कोई गलती नहीं है, उन्हें खेल संघों की मान्यता के बारे में अधिक ज्ञान नहीं होता। वे खेलकर पदक तो ले आते हैं, लेकिन उसके आधार पर कोई लाभ नहीं ले सकते, इससे उनका बड़ा नुकसान हो जाता है। क्योंकि, उन्होंने प्रतियोगिताओं के लिए राशि खर्च कर तैयारी की होती है। इसलिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से आग्रह किया है कि कानूनी तौर पर मान्य खेल संघों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन को ही मंजूरी दी जाए।
केंद्रीय खेल मंत्री से भी उठाएंगे मामला : संदीप
खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि फर्जी खेल संघों पर नकेल कसने का अनुरोध वह केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू से भी करेंगे। वह खुद खिलाड़ी रहे हैं, इसलिए उन्हें मालूम है कि कितनी मुश्किल से खिलाड़ी प्रतियोगिता में जीतकर पदक लाते हैं। जब उन्हें बाद में पता चलता है कि जो पदक वे लाए हैं, उनकी कोई अहमियत ही नहीं। इससे उन्हें बहुत दुख होता है।