अपने ही शहीद जवान के दुश्मन बन गए। उन्होंने धोखे से उसकी 30 करोड़ रुपये की जमीन सिर्फ 90 लाख बेच डाली, धोखे का सच आया सामने। मामला हरियाणा के भिवानी का है। आजाद हिंद फौज के शहीद सैनिक रामधन की करीब 30 करोड़ की जमीन को उसके अपने ही भतीजे ने तीन प्रॉपर्टी डीलरों के साथ महज 90 लाख रुपये में बेच डाला। धोखाधड़ी के लिए आरोपियों ने फर्जी महिलाओं को खड़ा कर मृतक की बहन बनाकर कागजात तैयार करवाए थे।
आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जीवाड़े का खुलासा कर आरोपी भतीजे और तीन प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार किया है। इसमें पांच-छह अन्य लोग भी शामिल है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस तलाश कर रही है। जिले के गांव चांग निवासी रामधन ने आजाद हिंद फौज के सिपाही रहते देश की आजादी के लिए अपनी जान दी थी। रामधन अविवाहित था।
सरकार की ओर से शहीद रामधन की मां हरबाई को हिसार में साढ़े 12 एकड़ जमीन दी गई थी। ये साढ़े 12 एकड़ जमीन हरबाई की मौत के बाद उसकी दो बेटियों समुंदी व दया के साथ चार बेटों शिवधन, बनारसी, प्यारेलाल और मौजीराम के नाम हो गई। हरबाई के चार बेटों की मौत हो चुकी है, जबकि उसकी दो बेटियां अभी जिंदा है।
हिसार एयर पोर्ट के समीप साढ़े 12 एकड़ जमीन की कीमत अब करीबन 30 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस जमीन पर रामधन के करीबन 30 वारिसों का हिस्सा है। जमीन के लालच में मृतक रामधन के भाई शिवधन के बेटे रामबाबू ने तिगड़ाना गांव निवासी राजकुमार उर्फ बबली, रेवाड़ीखेड़ा निवासी मनबीर व मालपोस निवासी मुकेश के साथ मिलकर सारी जमीन हड़प ली।