चंडीगढ़ के सेक्टर-17 सी स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के रिटायर्ड सीनियर मैनेजर अमृतपाल सिंह को डीसी के हस्तक्षेप के बाद पंचकूला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सरफेसी एक्ट का गलत इस्तेमाल किया है। इसके अलावा अमृतपाल पर डीसी के सामने नकली दस्तावेज पेश करने, कस्टमर का प्लॉट हड़पने और आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का भी आरोप है। जिससे धोखाधड़ी हुई है वह एम/एस फ्रेगरेंस एग्जीम लिमिटेड कंपनी का मालिक है। आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पंचकूला के सेक्टर-5 पुलिस थाने से मिली जानकारी के अनुसार अक्तूबर 2009 में पंचकूला के सेक्टर-6 के निवासी प्रीत मोहिंद्र कोहली (शिकायतकर्ता) ने अपनी कंपनी एम/एस फ्रेगरेंस एग्जीम लिमिटेड के लिए और होम लोन के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-17 सी स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक से करीब एक करोड़ 32 लाख लोन लिया था। बैंक से लोन लेते समय प्रीत मोहिंद्र कोहली ने पंचकूला के सेक्टर-6 के अपने मकान (नंबर 254) को गिरवी रख दिया था।
बैंक से कर्ज लेने के ठीक पांच साल बाद यानी मार्च 2013 में प्रीत मोहिंद्र कोहली की कंपनी के अकाउंट में फंड शॉर्टेज के चलते अकाउंट एनपीए को लेकर नोटिस जारी किए। इस पर प्रीत मोहिंद्र कोहली ने 30 मार्च 2013 को अकाउंट एनपीए होने से पहले बकाया लोन 47 लाख 23 हजार रुपये की जगह अकाउंट में 48 लाख रुपये जमा करा दिए।