26 जनवरी को दिल्ली में राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्यातिथि बनने से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद चंडीगढ़ के विशेष मेहमान बनेंगे। इस प्रस्तावित दौरे के अनुसार राष्ट्रपति ओलांद 24 जनवरी को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने के लिए वह चंडीगढ़ से ही दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
दशकों बाद फ्रांस का कोई राष्ट्रपति चंडीगढ़ की यात्रा करेगा। इससे पहले चंडीगढ़ का प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री के साथ यहां का दौरा किया था। वर्ष 2015 को चंडीगढ़ के निर्माता ली कार्बूजिए की 50वीं पुण्यतिथि के रूप में मनाया गया।
ली कार्बूजिए के आर्किटेक्चर वर्क पर आधारित झांकी को भी इस बार 26 जनवरी की परेड में शामिल किया गया है। इन सब बातों को देखते हुए राष्ट्रपति ओलांद के चंडीगढ़ दौरे को महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक माना जा रहा है।
इस प्रस्तावित दौरे से पहले बुधवार को भारत में फ्रांस केराजदूत फ्रांस्वा रिचिर और प्रतिनिधिमंडल ने यूटी के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। यूटी गेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में सलाहकार विजय कुमार देव, गृह सचिव अनुराग अग्रवाल, वित्त सचिव सर्वजीत सिंह और डीआईजी एएस चीमा सहित सभी बड़े अधिकारी शामिल हुए। राष्ट्रपति ओलांद कहां रुकेंगे, क्या देखेंगे और सुरक्षा प्रबंधों पर इस बैठक में चर्चा हुई।
मुख्य मेहमान इनका करेंगे दीदार
राष्ट्रपति ओलांद चंडीगढ़ में कैपिटल कांप्लेक्स, सुखना लेक, रॉक गार्डन, पंजाब यूनिवर्सिटी, ली कार्बूजिए सेंटर, टैगोर थियेटर, सेक्टर-10 स्थित आर्ट एंड म्यूजियम गैलरी और सेक्टर-17 प्लाजा सहित अन्य पर्यटन स्थल देखेंगे। अपने दौरे के दौरान वह शहर के चुनिंदा लोगों से बातचीत भी करेंगे। फ्रांस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनिंदा पर्यटन स्थलों का दौरा किया। साथ ही चयनित लोगों के साथ बातचीत के लिए स्थान निश्चित करने के लिए भी कई स्थानों को देखा।
प्रतिनिधिमंडल की प्रशंसा ने शहर देखने का किया फैसला
भारत में फ्रांस के राजदूत फ्रांस्वा रिचिर के नेतृत्व में इससे पहले भी प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ आ चुका है। इस दौरे में प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने में सहयोग देने का भरोसा दिया था। प्रतिनिधिमंडल ने उस समय चंडीगढ़ के पर्यटन स्थलों का दौरा भी किया था। बताया जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल ने जब सिटी ब्यूटीफुल की खूबसूरती के बारे में अपने राष्ट्रपति को बताया तो उन्होंने इसे देखने की इच्छा जताई।
फ्रांस का विशेष नाता
फ्रांस और चंडीगढ़ का विशेष नाता है। चंडीगढ़ के निर्माता ली कार्बूजिए फ्रांस के ही रहने वाले थे। पंजाब एंड हरियाणा विधानसभा का मुख्यद्वार फ्रांस से ही आया था। जिसे ली कार्बूजिए ने अपने हाथों से पेंट किया था। चंडीगढ़ को विश्वभर में योजनाबद्घ शहर के रूप में जाना जाता है। जिसका श्रेय ली कार्बूजिए को ही जाता है। इन सब बातों से फ्रांस खुद गौरव का महसूस करता है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी इन बातों का जिक्र कर रहे थे।
अनुराग अग्रवाल, गृह सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन ने बताया कि फ्रांस के राष्ट्रपति के आगमन का फ्रांस प्रतिनिधिमंडल से ही पता चला है। अभी भारत सरकार की ओर से इस तरह की जानकारी प्रशासन को नहीं मिली है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राष्ट्रपति खुद चंडीगढ़ आने के इच्छुक हैं। दौरे की तैयारियों को लेकर ही प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के बीच बैठक हुई।