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पंजाबः तरनतारन से 5 एके 47 समेत 4 आतंकी काबू, पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए आए थे हथियार

Mon, 23 Sep 2019 09:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान और जर्मनी आधारित ग्रुपों के समर्थन से खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स को दोबारा जीवित करने की कोशिश में लगे आतंकियों का पर्दाफाश किया है। चार आरोपियों को पांच एके 47, पिस्तौल, सैटेलाइट फोन और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया है।

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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और साजिश के प्रभाव को देखते हुए केस एनआईए के सौंपने का फैसला किया है। चारों आतंकियों को रविवार को तरनतारन गांव चोहला साहिब के बाहर से गिरफ्तार किया गया है, ये लोग सफेद मारुति स्विफ्ट कार में सवार में थे। 

प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि हथियार और अन्य चीजें सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजी गईं। जिसे देखते हुए सीएम ने केंद्र से मांग रखी है कि इसे रोकने को बीएसएफ और वायु सेना को हिदायत दी जाए।
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डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि  काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी केतन बालीराम पाटिल की अगुवाई में विभिन्न टीमों ने  बलवंत सिंह बाबा उर्फ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह को गिरफ्तार किया। आकाशदीप और बाबा की क्रिमनल बैकग्राउंड है, दोनों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। 

मान सिंह जो इस समय आर्म्स एक्ट और यूएपीए के तहत अमृतसर जेल में है, ने गुरमीत बग्गा के कहने पर आकाशदीप को भरती किया था। जब दोनों अमृतसर जेल में इकट्ठे थे। खेप को हासिल करने वाला बाबा बलवंत बब्बर खालसा इंटरनेशनल का मेंबर है। उसे यूएपीए और आर्म्स एक्ट के तहत थाना मुकंदपुर, नवांशहर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, वह अभी जमानत पर है। अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल थाने में 22 सितंबर को मामला दर्ज किया गया है।

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पंजाब और जम्मू -कश्मीर में आतंकी घटनाओं को देना था अंजाम

डीजीपी ने कहा कि बहुत संभावना है कि ये हथियार आईएसआई द्वारा स्पॉन्सर जेहादी और खालिस्तान समर्थक आतंकी ग्रुपों द्वारा पाक के ड्रोन से पहुंचाए गए। हाल ही में जम्मू कश्मीर में हुए घटनाक्रम के मद्देनजर बड़े पैमाने पर की जा रही घुसपैठ का मकसद जेएंडके, पंजाब व अन्य हिस्सों में आतंकी घटनाओं को अंजाम देना है।

यह गिरोह खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख रणजीत सिंह नीटा और उसके जर्मन सहयोगी गुरमीत सिंह बग्गा उर्फ डॉक्टर द्वारा चलाया जा रहा था। स्थानीय स्लीपर सेल की मदद से इन्होंने और सदस्य बनाने का काम किया है। सरहद पार से फंड और हथियारों का प्रबंध किया जाता था।

ये हुआ बरामद
आतंकियों से मिले सामान में पांच एके 47, 16 मैगजीन, 472 गोली सिक्का, चार चीन की बनी .30 पिस्टल, आठ मैगजीन और 72 गोली सिक्का, नौ हैंड ग्रेनेड, पांच सैटेलाइट फोन, दो मोबाइल फोन, दो वायरलेस सेट और दस लाख रुपये की भारतीय करंसी शामिल है।
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