हरियाणा के विधानसभा चुनाव में पहली बार ताऊ चौधरी देवीलाल का कुनबा टूटने के बाद आमने-सामने होकर चुनाव लड़ेगा। कुनबा टूटकर दो राजनीतिक घरानों इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और जननायक जनता पार्टी (जजपा) में बंट चुका है। वर्तमान स्थिति यदि देखें तो दोनों पार्टियों का अब एक होने की संभावनाएं भी कम ही दिखाई दे रही है।
इन्ही हालातों में यह भी पहली बार होने जा रहा है कि ताऊ का बिखरा परिवार अलग-अलग उनका जयंती समारोह मनाएगा। हालांकि अभी तक इनेलो ही ताऊ का जयंती समारोह मनाती आई है। इस दिन इनेलो प्रदेश में एक बड़ी सम्मान रैली कर अपना शक्ति प्रदर्शन करती है। मगर इस साल ताऊ के सम्मान में रैली करने का एलान इनेलो से अलग हुई जजपा ने भी किया है।
चूंकि विधानसभा चुनाव सिर पर है, इसलिए दोनों दल ताऊ के सम्मान समारोह के बहाने विशाल रैली कर प्रदेश में अपनी नब्ज टटोलते हुए अपनी पार्टी के प्रति हवा का रुख भी देखना चाहते हैं। इसी के चलते दोनों दल ताऊ के सम्मान में इस साल फिर से विशाल रैली करने जा रहे हैं। पहले दोनों दलों की रैली ताऊ जयंती यानी 25 सितंबर के दिन ही थी।
मगर बाद में इस रैली को अलग-अलग तिथियों पर कर दिया गया। 25 सितंबर को इनेलो कैथल में ‘सम्मान दिवस समारोह’ के उपलक्ष्य में रैली करेगी। तो जजपा रोहतक में ताऊ जयंती से तीन दिन पहले 22 सितंबर को रोहतक में ‘जन सम्मान दिवस’ के रूप में विशाल रैली करेगी।
दोनों ही दलों के नेता व कार्यकर्ता अपनी-अपनी रैलियों को हिट करने के लिए प्रदेशभर में इस समारोह में पहुंचने का निमंत्रण समर्थकों व आमजन को दे रहे हैं। अब देखना यह है कि दोनों की ये रैलियां उनके दलों के लिए सूबे में कैसा चुनावी माहौल बनाती है।