छोटी दिवाली की रात महम में जुआ पकड़ने के केस में कम रिकवरी दिखाने के आरोप में महम थाने के चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। इसमें थाना प्रभारी, एएसआई, हवलदार व ईएचसी शामिल हैं। एडिशनल थाना प्रभारी विकास को महम थाने की कमान दी गई है। एसपी उदय सिंह मीना का कहना है कि विभागीय जांच का भी आदेश दिया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक महम पुलिस में 24 अक्तूबर को जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इसमें बताया गया कि पुलिस को सूचना मिली कि वार्ड नंबर 10 बड़ा गुरुद्वारा के पीछे बनी गली में लगे लोहे के गेट की आड़ में छह से सात लोग सरेआम ताश के पत्तों के साथ रकम दांव पर लगाकर जुआ खेल रहे हैं।
पुलिस ने दबिश देकर आरोपी सुभाष, रिंकू, प्रवीण, यशपाल, अमित, प्रेम कुमार एक अन्य सुभाष को काबू किया। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 45 हजार 40 रुपये बरामद किए। इसी बीच पकड़े गए आरोपियों ने एसपी को शिकायत दी कि पुलिस ने मात्र 45 हजार 40 रुपये राशि दिखाई है, जबकि उनकी राशि लाखों रुपये में थी।
एसपी उदय सिंह मीना ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र सिंह मीना को मामले की जांच का आदेश दिया। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह, एएसआई राजेंद्र सिंह, हवलदार प्रवीण, ईएचसी महाबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।
प्रारंभिक जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं, जिसके चलते चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है। साथ ही जांच का आदेश दिया गया है। जांच में पता लग सकेगा कि किस पुलिसकर्मी की कितनी भूमिका है। चुनाव आचार संहिता के चलते नया थाना प्रभारी भी नहीं लगाया जा सकता। ऐसे में थाने के एडिशनल थाना प्रभारी विकास को ही प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। - उदय सिंह मीना, एसपी रोहतक।