सूत्रों के मुताबिक इसके बाद धुंध और ठंड अधिक देखकर चारों लोग घर जाने की बजाय कोठी में बने सर्वेंट क्वार्टर में ही रुक गए थे। इस दौरान उन्होंने वहां पर कोयले की अंगीठी जलाकर रख ली। इसके बाद वे सो गए। जब बुधवार सुबह व्यापारी के किसी मुलाजिम ने वहां पर जाकर देखा तो चारों कमरे में बेसुध पड़े थे। इसके बाद चारों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवारों को पता तलाशने में काफी दिक्कत
जब बुधवार सुबह सेक्टर-69 में चारों लोगों की मौत का मामला सामने आया तो किसी को भी इनके पते के बारे में जानकारी नहीं थी। इस पर उस कैटरर से संपर्क किया तो उस व्यक्ति ने उनके दो जानकारों को बुलाया। इसके बाद मृतकों के पते के बारे में पता चला तो परिवार को सूचित किया।
हमें एक बार बच्चों का चेहरा तो दिखा दो...
सूचना मिलने के बाद सारे लोगों के परिजन फेज-आठ थाने पर पहुंच गए। इस दौरान परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। उनका कहना था कि पहले उस व्यक्ति को बुलाया जाए जिस व्यक्ति ने उन्हें काम पर बुलाया था। इसके बाद वह कहने लगे कि घटनास्थल दिखाया जाए या फिर बच्चों का चेहरा दिखाया जाए लेकिन उनकी आंखें से आंसू बह रहे थे।