सरकार ने यमुनानगर, पानीपत, करनाल और गुरुग्राम के समाज कल्याण अधिकारी पर की कार्रवाईचुनाव के दौरान पेंशन वसूली के नोटिस भेजने से लोगों में सरकार के खिलाफ पनपा था गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा सरकार ने आचार संहिता के दौरान पेंशन वसूली के लिए पत्र जारी करने वाले चार जिला समाज कल्याण अधिकारी को निलंबित कर दिया है। इन चारों अधिकारियों ने चुनाव के दौरान लाभार्थियों की ओर से गलत तरीके से निकाली गई सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि की वसूली के लिए नोटिस भेजा था। इससे लोग परेशान हो गए थे और उनमें सरकार के खिलाफ गुस्सा भी पनपा था। सरकार ने यह कार्रवाई बीते एक हफ्ते में की है।
निलंबित अधिकारियों में यमुनानगर के समाज कल्याण अधिकारी ईश्वरी राठी, पानीपत के रविंदर हुड्डा, करनाल के सत्यवान सिंह और गुरुग्राम के जितेंद्र कुमार शामिल हैं। पानीपत के अधिकारी के पास सोनीपत का, करनाल के अधिकारी के पास कैथल और गुरुग्राम के अधिकारी के पास नूंह का अतिरिक्त प्रभार था। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन जिला समाज कल्याण अधिकारियों ने आदर्श चुनाव संहिता के दौरान लोगों को पेंशन वसूली के नोटिस भेजे थे। उनके इस व्यवहार से संकेत मिलता है कि वह सरकार के विरुद्ध कार्य कर विपक्ष को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। सरकार का तर्क है कि अधिकारी वसूली के नोटिस चुनाव संपन्न होने के बाद भी भेज सकते थे, मगर ऐसा नहीं किया गया।
हाल ही में पूर्व सीएम मनोहर लाल ने कहा था कि कुछ अधिकारियों ने लोगों को सरकार के खिलाफ लोगों भड़काने के लिए 25 हजार लाभार्थियों की पेंशन बंद कर दी थी। इससे लोग परेशान हो गए थे और लोग समाज कल्याण दफ्तर के चक्कर लगा रहे थे। हालांकि बाद में पेंशन राशि वितरण को बहाल कर दिया था। मनोहर लाल ने यह भी कहा था कि उन्होंने सीएम से ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। उधर, सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि आने वाले समय में कुछ और अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।