बहादुरगढ़ के सेक्टर-छह स्थित उमंग बालगृह से गुरूवार की रात को दीवार फांद कर चार किशोरियां फरार हो गई। सुबह जब चारों नहीं मिली तो प्रबंधन में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को पुलिस ने केस दर्ज कर चारों की तलाश शुरू की। एक किशोरी को सोनीपत से बरामद कर लिया गया है, अन्य तीनों की पुलिस तलाश कर रही है। इस मामले में बालगृह के चौकीदार व अन्य चार कर्मियों की लापरवाही मानी जा रही है। बाल संरक्षण आयोग ने भी स्टाफ से जवाब मांगा है।
इस बालगृह में कुल 26 बच्चे हैं। फिलहाल यहां एक कमरे का निर्माण चल रहा है। वैसे तो चारों तरफ की दीवारें ऊंची हैं और उनके ऊपर कंटीली तार लगी हैं, लेकिन निर्माण के चलते कुछ हिस्से से तार हटा दी गई। कमरे के चारों तरफ की दीवारें तो बन चुकी हैं। अभी छत बननी बाकी है। बाहर की दीवार के साथ सीढ़ी लगी थी। इसे वहीं पर छोड़ा गया था। बड़ी लापरवाही यह भी रही। इसी को देखकर यहां रह रही चार किशोरियों ने एक साथ बाहर निकलने की योजना बनाई।
रात को खाना खाने के बाद सब सो गए तो ये बाहर निकलीं। माना जा रहा है कि सीढ़ी से दीवार पर चढ़ी और फिर दीवार के साथ लगे रोड़ियों के ढेर पर कूद गईं। सुबह जब बाकी बच्चों के साथ उक्त चारों किशोरियां नहीं दिखी तो स्टाफ में हड़कंप मच गया। संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया। इस पर तुरंत जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी लतिका दहिया के अलावा बाल कल्याण कमेटी सदस्या स्नेहलता यहां पहुंची।
पुलिस को सूचना दी गई। बालगृह में पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास के जिलों की पुलिस को भी सूचना दी गई। कुछ घंटों बाद पुलिस ने एक लड़की को सोनीपत में पहुंचकर बरामद कर लिया। सेक्टर-6 पुलिस चौकी की टीम को बाद में दो और लड़कियों के बारे में सुराग मिला है। फरार होने वाली इन किशोरियों की उम्र 15 से 17 साल है।
रोहतक से आई थी तीन
उमंग बालगृह
फरार होने वाली किशोरियों में तीन रोहतक की हैं। दो किशोरियां करीब दो महीने पहले यहां आई थी। एक छह महीने पहले आई थी। अहम बात तो यह है कि रोहतक से आई तीन किशोरियों के अलावा जो एक किशोरी करीब चार साल से यहां रह रही थी वो भी उनके साथ फरार हो गई। मिलने वाली एक मात्र किशोरी कुछ समय पहले ही यहां आई थी।
सो रहा था चौकीदार, अधिकारी ने मांगा जवाब
बताया गया है कि बाल गृह का चौकीदार रात में सो रहा था। इसी कारण किशोरियों को निकलने का मौका मिला। दीवार के साथ सीढ़ी थी। यदि चौकीदार न सोता तो शायद यह घटना भी न होती। बाल गृह से चार किशोरियों के फरार होने की घटना को बाल संरक्षण आयोग ने भी बेहद गंभीरता से लिया है। इस घटना के बाद जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा ने बाल गृह के पूरे स्टाफ से जवाब मांगा है। इसके अलावा अधीक्षक और अन्य स्टाफ सदस्यों से भी जवाब मांगा गया है कि उस वक्त वे क्या कर रहे थे।
भागने के कारण स्पष्ट नहीं
किशोरियों के इस तरह से रात में फरार होने की वजह अभी स्पष्ट नही हो पाई। हालांकि जो किशोरी सबसे पहले बरामद हुई, उसके हवाले से पुलिस ने बताया है कि उनका यहां मन नहीं लग रहा था इसीलिए फरार हो गई।
नौकरी करने की बात कहती थीं
उधर, जब बालगृह के बच्चों से अधिकारियों ने पूछा तो उन्होंने बताया कि चारों आपस में यहां से निकलने और बाहर जाकर नौकरी करने की बात कहती थी। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि जब तक चारों से पूछताछ नहीं होती और उनकी काउंसलिंग नहीं होती, तब तक यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता कि उनके मन में क्या चल रहा था।
पहले तीन बार फरार हो चुके हैं बच्चे
बहादुरगढ़ के इस बाल गृह से पहले भी तीन बार बच्चे फरार हो चुके हैं। इस साल की शुरुआत में ही झज्जर निवासी एक लड़की यहां से दीवार फांदकर भाग गई थी। वर्ष 2015 में एक बार पांच तो दूसरी बार तीन बच्चे यहां से निकल गए थे। तीनों ही घटनाओं में बच्चों ने मन न लगने की बात सामने आई थी।
इस बारे में सूचना मिलते ही पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज करके उनकी तलाश शुरू की। एक जल्द मिल गई। बाकी दो का सुराग भी लग गया है। किशोरियों के मिलने के बाद उनसे बातचीत की जाएगी, तभी फरार होने की सही वजह पता चल पाएगी। - सुरेखा हुड्डा, जिला बाल कल्याण अधिकारी, झज्जर