चंडीगढ़। जालसाजी के दो अलग-अलग मामलों में दिल्ली से गिरफ्तार चार आरोपियों को साइबर पुलिस ने शुक्रवार को जिला अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। इनमें दो आरोपियों आशीष व निखिल 8 दिन और अभिषेक उर्फ राहुल व अनिल यादव 2 दिन के पुलिस रिमांड पर थे। पकड़े गए आरोपियों से साइबर पुलिस ने इनके साथियों के बारे में अहम जानकारी जुटाकर धरपकड़ के लिए दिल्ली में छापा मारा, लेकिन आरोपी चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गए।
16 जून को साइबर पुलिस ने नई दिल्ली के मोहन गार्डन निवासी आशीष और द्वारका उत्तम नगर निवासी निखिल को गिरफ्तार किया था। आरोपी निखिल के व्हाट्सएप पर आरबीएल बैंक क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई सारे लिंक मिले थे। इस लिंक में क्रेडिट कार्ड रखने वाले सैकड़ों ग्राहकों का डाटा मौजूद था। आरोपियों से पूछताछ में साइबर पुलिस के डाटा बेचने वाले का सुराग पता लगा। जिसे पकड़ने के लिए टीम दिल्ली भी रवाना हुई, लेकिन कोई खास सुराग नहीं लग सका। आरोपी के गिरफ्तारी के बाद ही खुलासा होगा कि वह डाटा को कहां से लेकर इन आरोपियों को मुहैया करवाता था।
साइबर पुलिस के मुताबिक, मामले में इस केस से संबंधित एक और ठगी के बारे में पता चला है। जांच के बाद जल्द ही निखिल व आशीष पर एक और एफआईआर दर्ज होगी। वहीं, 22 जून को दिल्ली के एनसीआर से गिरफ्तार आरोपी अभिषेक उर्फ राहुल (24) और अनिल यादव को लेकर साइबर पुलिस दिल्ली रवाना हुई थी। दोनों जालसाज ओएलएक्स पर विज्ञापन देकर इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी देने के बहाने सेक्टर-23 निवासी दो युवती से 60 हजार की चपत लगाई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले किसी और के लिए काम कर जालसाजी करने का सारा तरीका सीखा और अब खुद ही अपना काम शुरू कर दिया था। वहीं, साइबर पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य जालसाज के बारे में अहम सुराग लगा है, जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।