पहला मामला सेक्टर-11 थाना पुलिस ने सेक्टर के सरकारी मॉडल हाई स्कूल की सुपरिंटेंडेंट सरिता ठाकुर की शिकायत पर दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला अभिद भिवानी के रहने वाले वास्तविक उम्मीदवार सुनील की जगह सीटीयू चालक की भर्ती परीक्षा देने पहुंचा था।
वहीं, सेक्टर-11 के पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट डॉ. बेणुधार पात्रा की शिकायत पर दूसरा मामला दर्ज किया गया है। यहां कैथल निवासी बलिंदर सिंह कैथल के ही वास्तविक उम्मीदवार प्रवीण कुमार की जगह चालक भर्ती की परीक्षा देने पहुंचा था।
तीसरा मामला सेक्टर-19 थाना पुलिस ने सेक्टर-20 डी के सरकारी मॉडल हाईस्कूल के सुपरिंटेंडेंट राजेंद्र सिंह की शिकायत पर दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, रोहतक का संदीप, नमित नामक वास्तविक उम्मीदवार की जगह चालक भर्ती की परीक्षा देने पहुंचा था। वहीं, चौथा मामला सेक्टर-39 थाना पुलिस ने सेक्टर-36 डी के सरकारी मॉडल हाईस्कूल के सुपरिंटेंडेंट दिनेश कुमार की शिकायत पर दर्ज किया है।
आरोप के मुताबिक, कैथल का मुनीष, कैथल के ही रहने वाले अभिषेक नामक वास्तविक उम्मीदवार की जगह परिचालक की भर्ती परीक्षा देने केंद्र पर पहुंचा था। पुलिस अब वास्तविक उम्मीदवारों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि फर्जी उम्मीदवारों ने परीक्षा देने के लिए कुल कितनी रकम ली थी। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का रिमांड लिया है और इनसे पूछताछ जारी है।
अभ्यर्थियों में रोष, कहा- परीक्षा केंद्र के बाहर आरोपी का प्रश्नपत्र मिला, भागते हुए वीडियो वायरल, फिर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई
उधर, जीसीजी-42 में बने परीक्षा केंद्र पर जिन दो उम्मीदवारों बलजिंदर सिंह और जसविंदर सिंह ने आरोपी महिला पर्यवेक्षक और अभ्यर्थी को पकड़ा था, उनसे भी सोमवार को पुलिस ने कोई जानकारी नहीं ली। बलजिंदर सिंह और जसविंदर सिंह ने ही पीयू की महिला पर्यवेक्षक को आरोपी अभ्यर्थी को फोन देते देखा था। दोनों अभ्यर्थी इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई न होने से रोष में हैं।
उनका आरोप है कि अफसर पीयू की महिला पर्यवेक्षक और आरोपी अभ्यर्थी को बचा रहे हैं। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी सिमरगोपाल सिंह ने कहा कि वह जीसीजी-42 के सेंटर पर देर शाम तक इस इंतजार में बैठे रहे कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही उनके बयान लिए गए। आवाज उठाने पर उलटा पुलिस ने उनके ही आधार कार्ड की जानकारी ले ली।
अभ्यर्थी जसविंदर सिंह ने कहा कि आरोपी का प्रश्नपत्र कॉलेज के बारह से बरामद हुआ, उनके भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है फिर भी मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। ऐसा लग रहा है पीयू अपनी कर्मचारी को बचा रही है। अभ्यर्थी लखविंदर सिंह ने कहा कि ईमानदार अभ्यर्थी भर्ती के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं लेकिन हमारी मेहनत पर ऐसे लोग पानी फेर देते हैं। इन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
पीयू के पास अभी तक कॉलेज में पीयू के कर्मचारी की ओर से नकल करवाने के मामले में कोई शिकायत नहीं की गई है। - प्रो. वाईपी वर्मा, रजिस्ट्रार, पीयू