चंडीगढ़। एटीएम पर पैसे निकलवाने के लिए आने वाले लोगों के साथ मदद के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह के चार शातिरों को चंडीगढ़ पुलिस की साइबर अपराध पुलिस थाना टीम ने दबोचा है। आरोपियों की पहचान बिहार के गया जिले के रोहित कुमार, धर्मेंद्र कुमार, बिमलेश कुमार और बिहार के नवाडा जिले के राहुल कुमार के रूप में हुई है।
बीते 9 दिसंबर को इनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। रविवार को इन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर पांच दिन का पुलिस रिमांड मांगा गया। अदालत ने चारों को चार दिन के रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने बीते दिनों शहर में एक सरकारी अधिकारी के साथ लगभग 10 हजार रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था और पंजाब में यह गिरोह कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस गिरोह के सदस्यों से गहनता से पूछताछ में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों से मोबाइल फोन और कई बैंकों के एटीएम कार्ड भी बरामद हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक शातिर अक्सर एटीएम बूथ के पास ही मौजूद रहते थे और वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए एटीएम पर कार्ड वाली जगह पर फेवीक्विक जैसा कुछ चिपका देते थे। ऐसे में व्यक्ति द्वारा पैसे निकलवाने के लिए जब कार्ड डाला जाता था तो वह अंदर फंस जाता था और ट्रांजेक्शन फंस जाती थी।
वहीं आरोपी एटीएम बूथ पर एक स्लिप लगा देते थे कि किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर ...नंबर पर संपर्क करें। जैसे ही व्यक्ति उस नंबर पर कॉल करता तो एटीएम के बाहर बैठा व्यक्ति फोन उठा अंदर मदद को आ जाता था। आरोपी के पास कई बैंकों के एटीएम कार्ड होते थे। वह व्यक्ति से ट्रांजेक्शन की जानकारी के नाम पर पिन पता कर लेता था। लोगों को एटीएम बदल बाद में ट्रांजेक्शन कर उनके खातों से रकम निकाल लिया करते थे।