चंडीगढ़। पीजीआई में एडवांस आई सेंटर व कार्डियक सेंटर की बुनियाद रखने वाले पीजीआई के पूर्व निदेशक बीके शर्मा नहीं रहे। उन्हें उनके ज्ञान, विनम्रता और सख्त प्रशासक के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। वर्ष 1937 में जन्मे प्रोफेसर शर्मा की प्रारंभिक पढ़ाई अमृतसर में हुई। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई भी अमृतसर मेडिकल कॉलेज से ही की। वर्ष 1967 में वह पीजीआई से लेक्चरार के रूप में जुड़े। उसके बाद वह इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रमुख बने और फिर पीजीआई के निदेशक। कहा जाता है कि उनके प्रस्ताव पर केंद्र सरकार कभी भी ना नहीं करती थी। वह अपनी बात को मजबूत तर्क के साथ रखते थे।
उन्होंने डाक्टरों की एक पीढ़ी को पढ़ाया है। हजारों रोगियों का इलाज किया। वह एक महान शोधकर्ता भी रहे थे। उनकी पहचान कठिन रोगियों के निदान और उपचार की असाधारण क्षमता के लिए थी। उनकी खास रुचि उच्च रक्तचाप व टकायासू नसों (उम्र बढ़ने के साथ शरीर में रक्त संचार प्रभावित होना) के इलाज में थी। वह अपने पीछे पत्नी प्रोफेसर सरोज शर्मा और दो बेटों को छोड़ गए हैं।