चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की स्वच्छता रैंकिंग में लगातार गिरावट हो रही है, लेकिन अगले साल तक पीयू बाजी मार सकता है। इसके लिए बायोगैस प्लांट चार माह में लगकर तैयार हो जाएगा। इसकी नींव मार्च में रखी जाएगी। पीयू प्रशासन ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पिछले दो साल से पीयू की स्वच्छता रैंकिंग गिर रही है। इस रैंकिंग में गिरने का सबसे बड़ा कारण यही है कि बायोगैस प्लांट नहीं लगा है। प्लांट के बेस पर ही कई शिक्षण संस्थान स्वच्छता में बाजी मार रहे हैं। पीयू स्वच्छता में दाग लगा रहे प्लांट की स्थापना अब करने जा रहा है। इसके लिए जगह का चयन हो गया है। यह ब्वॉयज हॉस्टल नंबर दो के पास स्थापित होगा। जल्द ही भूमि पूजन होगा और मार्च में इसकी नींव रख दी जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 30 लाख रुपये खर्च होंगे। पहले प्लांट लगाने का प्रस्ताव गर्ल्स हॉस्टल नंबर एक के पीछे था, लेकिन वहां प्लांट के लिए जगह पर्याप्त नहीं थी, उसके बाद दूसरी जगह का चयन हुआ।
मेस व कैंटीन के कचरे का निस्तारण होगा
पीयू में 21 मेस व 40 से अधिक कैंटीन हैं। इन सभी में सब्जियों का कचरा व बचा खाना होता है। प्रतिदिन सैकड़ों किलो कचरा होता है। इस कचरे का निस्तारण पीयू नहीं कर पा रहा था। यह कचरा बाहर जा रहा था लेकिन अब इसका निस्तारण यहीं हो जाएगी। इसके लिए बायोगैस प्लांट लग रहा है। प्लांट को यह कचरा पर्याप्त मात्रा में मिलेगा और इसके बदले में गैस मिलेगी। इस गैस से हॉस्टलों में खाना तैयार हो सकेगा। इससे आर्थिक फायदा भी पीयू को होगा। साथ ही परिसर भी साफ-सुथरा रहेगा।
इनसेट---
इस पर देना होगा ध्यान
- स्वच्छता रैंकिंग के लिए गीले व सूखे कूड़े को अलग करके उसकी मॉनीटरिंग करनी होगी। हालांकि पीयू ने ऐसे कूड़ेदान लगाए हैं।
- विभागों के शौचालयों की मरम्मत करवानी होगी। हॉस्टलों में भी शौचालयों के हाल को सुधारना होगा। इस पर भी काम चल रहा है।
- पेड़ों के पत्तों को एकत्रित करके कंपोस्ट खाद बनानी होगी और नियमित सफाई अभियान चलाना होगा।
- परिसर में लगे फव्वारों को शुरू करना होगा। साथ ही हरियाली को बढ़ाना होगा।
- हॉस्टलों में मेस के ऊपर चिमनियां लगानी होंगी। इसके लिए भवन स्ट्रैक्चर को ठीक करना होगा।
- कारों को पार्किंग तक ले जाना होगा। सड़क किनारे खड़ी करना बंद करना होगा।
- स्टूडेंट सेंटर पर थालियों के खाने को खुले में फेंका जा रहा है, इसको ठीक करना होगा।
वर्जन---
बायोगैस प्लांट के लिए भूमि पूजन जल्द होने जा रहा है। चार से पांच माह के बीच लगकर यह तैयार हो जाएगा। स्वच्छता रैंकिंग इसके जरिये बेहतर आएगी।
- डॉ. संजीव गौतम, वार्डन, ब्वॉयज हॉस्टल नंबर तीन