साल 1998 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सरकार गिराने वाले पूर्व मंत्री मनजीत सिंह कलकत्ता का बुधवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने सुबह साढ़े छह बजे शहर के प्राइवेट अस्पताल में आखिरी सांस ली। 79 वर्षीय मनजीत सिंह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका शुगर लेवल घट कर 44 रह गया था। इसके अलावा उन्हें बीते कई दिनों से छाती में जकड़न की शिकायत थी। उनका अंतिम संस्कार वीरवार को किया जाएगा।
सूबे की राजनीति में कलकत्ता एकमात्र ऐसे सियासी नेता थे, जो अपनी ही सरकार के खिलाफ भी बोलने में हिचकते नहीं थे। 1977 में विधायक चुने गए और कैबिनेट मंत्री बने। हायर एजुकेशन मिनिस्टर के तौर पर काम किया और 13 दिसंबर 1998 को उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ बगावत कर दी। अपने बेटे की शादी के दिन उन्होंने विधायक हरमेल सिंह टोहड़ा, रमेशइंद्र सिंगला, सुरजीत सिंह कोहली व इंद्रजीत सिंह जीरा के साथ मिलकर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
गुरचरण सिंह टोहड़ा को एसजीपीसी के प्रधान पद से हटाए जाने से वे खफा था। इसके बाद दोबारा सरकार बनाने के लिए भी कलकत्ता ने बादल परिवार के आग्रह पर टोहड़ा से समझौता करवाया था। वे पटना साहिब और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भी रहे थे।