जम्मू-कश्मीर-राजस्थान राष्ट्रीय मार्ग पर लगाए गए धरने के कारण ट्रैफिक को विभिन्न रूटों में बांटा गया। इसके बावजूद भी बुजुर्गो, महिलाओं, बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अमृतसर से फिरोजपुर जा रही भारतीय सेना की गाड़ियों को भी जाम का सामना करना पड़ा। सेना के अधिकारी धरने में मौजूद ग्रामीणों से अपनी गाड़ियों के लिए रास्ता मांगते रहे, परंतु धरनाकारियों ने सेना अधिकारियों की भी नहीं सुनी।
केस दर्ज करने पर अड़े प्रदर्शनकारी, एसपी ने दिया आश्वासन
सब डिवीजन पट्टी के डीएसपी कमलप्रीत सिंह मंड, थाना सदर के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, ट्रैफिक पुलिस के इंचार्ज केवल कृष्ण, विनोद कुमार मौके पर पहुंचे और धरनाकारियों को शांत करने का प्रयास किया। इस मौके मेजर सिंह ममणके, जैमल सिंह पिद्दी, बलकार सिंह, सुखविंदर सिंह, डॉ. इकबाल सिंह, दविंदर सिंह, कर्म सिंह, अजीत सिंह, बलजिंदर सिंह, सतनाम सिंह बनवालीपुर ने कहा कि पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा की मौत के जिम्मेदार पावरकाम के एसडीओ व जेई के खिलाफ मामला दर्ज होने पर ही धरना उठाया जाएगा।
सुबह 10 बजे शुरू हुए धरने को शांत करने लिए एसपी (एच) गौरव तूरा दोपहर तीन बजे पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरनाकारियों ने राष्ट्रीय मार्ग से धरना उठा लिया। परंतु कुछ देर बाद लिंक रोड पर बैठ गए।
मौत के लिए पावरकॉम जिम्मेदार नहीं: एसडीओ
पावरकाम के एसडीओ जसविंदर सिंह ने कहा कि बिजली बिल की अदायगी न होने कारण बिजली कनेक्शन बंद था। पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा द्वारा अपनी मर्जी से कनेक्शन चालू करने का प्रयास किया गया, इसमें पावरकाम का कोई कसूर नहीं। परंतु पूर्व सरपंच की मौत का गहरा अफसोस है। बाद दोपहर पुलिस ने पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा के शव का सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा दिया।