चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के 70वें दीक्षांत समारोह के दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी पीएचडी की डिग्री हासिल करेंगे। कांग्रेस नेता चन्नी ने पीयू से राजनीति विज्ञान में एमए की थी और इसी विषय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर इमैनुअल नाहर के निर्देशन में पीएचडी में दाखिला लिया था। चन्नी की ओर से पीएचडी के शोध कार्य का विषय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन, वर्ष 2004 से इलेक्टोरल स्ट्रेटेजी था। पूर्व मुख्यमंत्री को पीएचडी की डिग्री मुख्यातिथि चांसलर और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की ओर से भेंट की जाएगी।पीएचडी के दौरान दोस्ती, फिर शादी और अब एक साथ लेंगे डिग्री
पीयू के सांख्यिकी विभाग से पीएचडी करने वाले जतेश कुमार और अंग्रेजी विभाग से पीएचडी करने वाली उनकी पत्नी अमनदीप कौर एक साथ शनिवार को पीएचडी की डिग्री हासिल करेंगे। जतेश ने वर्ष 2015 और अमनदीप ने वर्ष 2013 में पीयू में पीएचडी में एनरोलमेंट करवाई थी। दोनों के विभाग अलग थे, दोस्तों की मदद से एक-दूसरे के संपर्क में आए, दोस्ती हुई और वर्ष 2020 में पीएचडी के दौरान ही दोनों ने शादी करने का मन बनाया। अमनदीप सिख और जतेश हिंदू परिवार से आते हैं। दोनों ने एक-दूसरे के परिवार को मनाया। कुछ मुश्किलों के बाद शादी हुई। दोनों ने हम एक साथ डिग्री लेना चाहते थे इसलिए काफी मेहनत की।
शादी के बाद पती-पत्नी ने बनाया पीएचडी का मन और अब साथ लेंगे डिग्री
पंजाब यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञान विभाग से पीएचडी करने वाले असिम वशिष्ठ और रसायन विज्ञान विभाग से पीएचडी करने वाली देविका वशिष्ठ ने शादी के बाद पीएचडी करने का मन बनाया। अब शनिवार को दोनों पती-पत्नी एक साथ पीएचडी की डिग्री हासिल कर करेंगे। शादी के बाद असिम ने गेट के जरिए वर्ष 2016 में पीएचडी और देविका ने नेट के जरिए वर्ष 2017 में पीएचडी में दाखिला लिया। दोनों पति-पत्नी फिलहाल चंडीगढ़ में ही नौकरी कर रहे हैं।
संजय पीएचडी के काम के लिए तय करते थे 1,470 किमी का सफर
57 वर्षीय संजय येवले, पेशे से शिक्षक हैं। पीयू के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से शनिवार को पीएचडी की डिग्री हासिल कर रहे हैं। संजय येवले नासिक में नौकरी करते हैं। पीयू के तहत आने वाले निट्टर के पहले सिविल इंजीनियरिंग बैच वर्ष 2002 में सिविल इंजीनियरिंग में एमटेक की थी। इसके बाद वर्ष 2013 में 46 वर्ष की उम्र में सिविल में ही पीएचडी करने का मन बनाया। उन्होंने निट्टर के डॉ. संजय शर्मा के निर्देशन में पीएचडी पूरी की। संजय येवले ने बताया कि छुट्टियों का सारा समय पीएचडी के कार्य को देता था, इसके लिए नासिक से चंडीगढ़ का सफर तय करना पड़ता था। परिवार ने इसमें बहुत मदद की। संजय नासिक से चंडीगढ़ 1470 किमी दूर काम के लिए सफर तय करते थे।
घरेलू हिंसा से जीती जंग, सिंगल मां रिचा ने पहले नौकरी हासिल की, अब पीएचडी डिग्री
पीयू के एसी जोशी पुस्तकालय में कार्यरत डॉ. रिचा शनिवार को पीएचडी डिग्री हासिल करेंगी। रिचा शादी के बाद घरेलू हिंसा का शिकार हो गई थीं और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था। उस दौरान उनका बच्चा एक साल का ही था। कठिन हालातों में वह अस्पताल में भी भर्ती रहीं। इसके बाद परिवार के सहयोग से उन्होंने नौकरी करने कर सोचा और बच्चे की परवरिश अपने हाथ में ली। पुस्तकालय में नौकरी करते हुए उन्होंने आगे पढ़ने का मन बनाया और एमबीए ह्यूमन रिसोर्स की। इसके बाद लाइब्रेरी इंर्फोमेशन विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार के नेतृत्व में पीएचडी पूरी की। रिचा ने बताया कि मेहनत और बेहतर शिक्षा के जरिए ही अपनी समस्याओं को हम दूर कर सकते हैं।