इमरान खान की पार्टी से विधायक रह चुके नेता बलदेव सिंह ने भारत से शरण देने की गुहार लगाई है। उसने पाकिस्तान के बारे में कई सच भी उजागर किए हैं। अमर उजाला से खास बातचीत में बलदेव ने बताया कि पाकिस्तान में वह अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करता, इसलिए भारत आया। विधायक होने के बावजूद उन्हें कुछ नहीं समझा जाता। न ही उन्हें कोई अधिकार और शक्तियां मिली हुई थीं। उनके ऊपर जूता उठाया गया, किसी से शिकायत नहीं कर सकता था।
पंजाब के लुधियाना जिले के खन्ना में उनकी ससुराल है और वे यहां खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, इसलिए अब पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते। मोदी सरकार से उन्होंने निवेदन किया कि उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाए। क्योंकि उन्हें डर है कि पाकिस्तान सरकार उनके खिलाफ कोई एक्शन ले सकती है।
बलदेव ने कहा कि वे भारत की राजनीति में आना चाहते हैं। पाकिस्तान में उन्हें एक केस में झूठा फंसाया गया। 2018 में वे बाइज्जत बरी हुए। वो भारत के अलावा कनाडा या फिर किसी और देश में जा सकते थे, लेकिन मोदी सरकार की हिम्मत देखते हुए उन्होंने यहां आना मुनासिब समझा।
बलदेव ने बताया कि पाकिस्तान में उनकी बेटी को इलाज मिल रहा था, लेकिन सुधार नहीं हुआ, वो उसका इलाज कराने के लिए भी भारत आए हैं। पाकिस्तान में सिख परिवार सच नहीं बोल सकते। आवाज नहीं उठा सकते। गुरुद्वारों में बेअदबी होती रहती है।
बलदेव ने बताया कि गुरुद्वारों को जो फंड मिलता है, वो छिपा दिया जाता है। विकास कार्यों में इस्तेमाल नहीं होता। पाकिस्तान में सिखों के हालात बेहद खराब हैं। इतने खराब हैं कि लोग वहां से निकलना चाहते हैं, लेकिन कोई रास्ता नहीं मिला रहा।