पूर्व विधायक बोनी अजनाला ने बिक्रम मजीठिया के खिलाफ बयान दर्ज करवाए हैं। अजनाला ने कहा कि मजीठिया ने उन्हें नशा तस्कर से अपने घर पर मिलवाया था। वे इसकी शिकायत पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल से भी कर चुके थे।
विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय और ईडी के पूर्व उप निदेशक निरंजन सिंह के बाद अब पूर्व विधायक बोनी अजनाला ने भी इस मामले में अपने बयान दर्ज कराए हैं।
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अजनाला ने दावा किया कि मजीठिया ने उन्हें नशा तस्करी से जुड़े सत्ता और पिंदी से अपने घर पर जिगरी यार कहकर मिलवाया था, जिसकी उन्होंने वर्ष 2013 में भी पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल को पत्र लिखकर शिकायत की थी। अब विजिलेंस को भी इन सभी तथ्यों के बारे में जानकारी दी है। इसमें नशे के साथ ही अवैध संपत्तियों के बारे में भी जानकारी शामिल है।
उन्होंने दावा किया कि मजीठिया ने उन्हें नशा तस्कर से अपने घर पर मिलवाया था और तब से मैं यह मामला उठा रहा हूं। पूर्व डीजीपी को मामले की शिकायत दी थी। जब भी एसआईटी जांच के लिए बुलाती है, तो मैं हाजिर हो जाता हूं। अजनाला ने कहा कि जब 2013 में उन्होंने ड्रग माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी, तब कोई कुछ नहीं बोलता था। अब कांग्रेस, अकाली और आम आदमी पार्टी सभी इस पर बोल रहे हैं। तब मुझे अपनी टिकट कटने का भी डर था, लेकिन बावजूद इसके मैंने इस मामले को उठाना जारी रखा और नशे के खिलाफ जंग शुरू की।
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अजनाला ने कहा कि जब चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री थे और मामले में केस दर्ज हुआ था। उसी दौरान बनूड़ थाने से केस से मामले से जुड़ा रिकॉर्ड चोरी हो गया था। अजनाला ने इस दौरान पूर्व सीएम चन्नी का भी विरोध किया और आज वह इस मामले में राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी के पास जवाब नहीं कि रिकॉर्ड चोरी कैसे हुआ है और छह हजार करोड़ का क्या हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा ही पंजाब को नशे से छुटकार दिला सकती है।