सीमावर्ती गांवों के विकास कार्यों के फंड में घपला करने के आरोप में पूर्व मंत्री गुलजार सिंह रणिके के निजी सचिव सर्बदयाल सिंह समेत छह आरोपियों को अदालत ने 6 -6 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी आरोपियों पर दो-दो लाख का जुर्माना भी लगाया है। वर्ष 2011 में तत्कालीन विजिलेंस विभाग ने रणिके के निजी सचिव पर विकास फंडों में घपला करने के मामले में पर्चा दर्ज किया था।
केंद्र सरकार ने अटारी विधानसभा हलके के गांवों के लिए पांच करोड़ की ग्रांट भेजी थी। सर्बदयाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर बैंक में फर्जी खाते खुलवाकर रणिके के जाली हस्ताक्षर कर पांच करोड़ की राशि हड़प ली थी। उस समय प्रदेश में प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री थे। बादल ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। रणिके को इस्तीफा देना पड़ा था।
जांच में यह बात सामने आई की जिस फंड में घपला हुआ है उसके बारे में रणिके को कोई जानकारी नहीं थी। जांच टीम की ओर से रणिके को क्लीन चिट मिलने के बाद बादल ने उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया था। जांच टीम ने इस घपले में सर्बदयाल समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। अतिरिक्त सेशन जज शिव मोहन गर्ग ने सात लोगों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।