टेंडर अलॉटमेंट घोटाले में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ 22 सितंबर को दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई है। जस्टिस राजमोहन सिंह ने याचिका पर सुनवाई से इन्कार करते हुए नई बेंच निर्धारित करने के लिए इसे मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया है।
आशु के खिलाफ 16 अगस्त को लुधियाना में विजिलेंस द्वारा दर्ज एफआईआर में जमानत देने से हाईकोर्ट पहले ही इन्कार कर चुका है। आशु के खिलाफ 22 सितंबर को लुधियाना में ही विजिलेंस ने जो अन्य एफआईआर दर्ज की है, उसे रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
आशु ने कहा कि पहले ही इसी मामले में उनके खिलाफ 16 अगस्त को एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। फिर से 22 सितंबर को एफआईआर दर्ज करना सही नहीं है। यह सीधे तौर पर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है, ऐसे में इस एफआईआर को रद्द किया जाए। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में हुए करोड़ों के ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में विजिलेंस ने भारत भूषण आशु के खिलाफ 16 अगस्त को एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में आशु ने नियमित जमानत की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट खारिज कर चुका है।