सिंचाई विभाग में 2017 में हुए घोटाले की दोबारा जांच शुरू करने और लुकआउट सर्कुलर को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व आईएएस अधिकारी सर्वेश कौशल को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई व लुकआउट सर्कुलर पर रोक लगा दी है। सर्वेश कौशल ने सीनियर एडवोकेट आरएस चीमा के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए केस की दोबारा जांच शुरू करने और सरकार की सिफारिश पर लुकआउट सर्कुलर जारी करने को चुनौती दी थी।
सर्वेश कौशल ने दायर याचिका में कहा कि वह इस समय विदेश में हैं और मामले की जांच में सहयोग को तैयार हैं। इस केस में विजिलेंस ने 17 अगस्त 2017 को एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में उनका नाम नहीं था। केस में उनका नाम इस घोटाले के मुख्य आरोपी गुरिंदर सिंह के बयान दर्ज होने के बाद शामिल किया गया था।
जांच 2019 में ही पूरी हो चुकी थी और मोहाली की कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। जब जांच पूरी हो चुकी है और चालान पेश किया जा चुका है तो कैसे इस केस की दोबारा जांच का आदेश दिया गया है। याचिका में उन्होंने लुकआउट सर्कुलर को भी रद्द करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने उन्हें मामले में राहत देते हुए जारी लुकआउट सर्कुलर के नोटिस और उनके खिलाफ किसी भी किस्म की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी केबीएस सिद्धू ने जो याचिका दायर की है, उसके साथ सुनवाई करने का आदेश दिया है।