इसका जिक्र पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने किया। उन्होंने बताया कि 1996 वर्ल्ड कप का जब दूसरे क्वार्टर फाइनल में दोनों चिर प्रतिद्वंदी भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे। पाकिस्तान की पारी के दौरान आमिर सोहेल ने मेरे बॉल पर चौका मारा और बल्ला मुझे दिखाते हुए बॉउंड्री की तरफ इशारा किया। वेंकटेश ने बताया कि उन्हें गुस्सा आ गया और अगली ही गेंद पर आमिर सोहेल को क्लीन बोल्ड कर दिया और सोहेल की तरफ आगे बढ़ते हुए उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखाते हुए वापस जाने का इशारा किया।
अनुशासन अनिवार्य है
वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि चाहे वह खेल का मैदान हो या फिर किसी भी अन्य फील्ड में हर एक को अनुशासन में रहना चाहिए। ऐसा करने से हर क्षेत्र मे सफलता मिलती है।
मैं मन की बात लिखता हूं, किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं
ट्विटर पर टीम इंडिया के मैनजमेंट पर तंज कसने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं किसी को नीचा दिखाना नहीं चाहता। हम भी मैच हारे हैं। हम हमेशा मैच नहीं जीते थे। मौजूदा टीम काफी टैलेंटेड है। जब भी कोई भारत के लिए खेल रहा होता है तो उसके एटीट्यूड पर सबकी नजर होती है। आपको हमेशा जीत के लिए खेलना होता है। जब मैं ट्वीट करता हूं तो अपने मन की बात लिखता हूं। किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहता।
जितना प्रयोग करेंगे, उतना कंफ्यूज रहेंगे
टीम में एक स्थिरता होनी चाहिए। आप लगातार बदलाव नहीं कर सकते हैं। आपके पास अलग-अलग सलाह आएंगी। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को देखिए। उनके पास अलग-अलग टीमें हैं लेकिन वह ज्यादा बदलाव नहीं करते। अपनी योजनाओं पर टिके रहते हैं। आप जितना प्रयोग करेंगे उतना कंफ्यूज होंगे। आप लगातार बदलाव करेंगे तो आने वाले खिलाड़ी यही सोचेंगे कि अगर मैंने दो मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया तो मुझे भी निकाल देंगे। खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तैयार करना होता है। क्षमता होती है लेकिन मानसिक रूप से मजबूती ज्यादा जरूरी है।
क्रिकेटर चोटिल हो रहा है तो इसका मतलब है कि वह अनुशासित नहीं है
वेंकटेश ने कहा कि आजकल खिलाड़ी बहुत ज्यादा चोटिल हो रहे हैं। इसके लिए अनुशासन की आवश्यकता है। अगर आप चोटिल हो रहे हैं तो अनुशासित नहीं हैं। भारत में ज्यादा क्रिकेट के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं लगता। अभी बस एक आईपीएल बढ़ गया है। जब हम खेलते थे तब औसतन 15 टेस्ट खेलते थे। उस समय 35 वनडे खेल लेते थे। आज भी ऐसा ही चल रहा है। आईपीएल ने आपको दो महीनों के लिए ज्यादा व्यस्त किया है। पहले टेस्ट और वनडे होते थे। अब टेस्ट और वनडे के अलावा टी-20 होते हैं। इसलिए हमें लग रहा है कि बहुत ज्यादा मैच हो रहे हैं।
धोनी जैसा कोई विनम्र नहीं
वेंकटेश ने कहा कि इतनी उपलब्धियों के बाद भी उनके जितना विनम्र कोई नहीं है। उनके जितनी उपलब्धियां किसी भारतीय क्रिकेटर के पास नहीं हैं। वे जमीन से जुड़े इंसान हैं। 2001 में वे बिहार से खेल रहे थे, मैं कर्नाटक से खेल रहा था। तब से अब तक धोनी वैसे ही हैं। उनके पास गाड़ियों का काफी विशाल कलेक्शन है। मुझे लगता है कि उसे म्यूजियम कहना चाहिए। धोनी बाइक्स को लेकर बहुत क्रेजी हैं।