पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अपना सम्मान और पुरस्कार न मिलने पर अपमान का घूंट पीना पड़ रहा है, वहीं सीएम हरियाणा मनोहर लाल गुल्ली-डंडा खेल रहे हैं। रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने विभिन्न मसलों पर हरियाणा सरकार व सीएम को घेरा।
हुड्डा ने प्रदेश सरकार की खेल नीति पर सवाल खड़ा करते हुए सरकार पर खिलाड़ियों का अपमान करने और उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। हुड्डा ने कहा कि अगर हमारी सरकार फिर से सत्ता में आई तो पुरानी खेल नीति को दोबारा लागू किया जाएगा। पूर्व सीएम ने सरकार की भावांतर योजना पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि इसका सब्जी उत्पादकों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का झांसा देकर उन्हें गुमराह कर रही है।
सीएम ने अनिल विज पर भी निशाना साधते हुए कहा कि खेलमंत्री विज को अपनी ही पार्टी में कोई गंभीरता से नहीं लेता। एचएसएससी की जेई परीक्षा में ब्राह्मणों से संबंधित पूछे विवादित सवाल पर एचएसएससी चेयरमैन भारत भूषण भारती को सरकार द्वारा निलंबित किए जाने के मामले में पूर्व सीएम ने सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग के चेयरमैन कोई अधिकारी नहीं है, जिन्हें निलंबित किया जाए। उन्हें या तो हटाना चाहिए था या फिर इस्तीफा मांगा जाना चाहिए था। पूर्व सीएम के अनुसार नियमों में कहीं भी चेयरमैन के निलंबन का प्रावधान नहीं है।
सीएम के रोड शो स्याही फेंकने के मामले में हुड्डा ने कहा कि प्रजातंत्र में विरोध होता है होना भी चाहिए, लेकिन हिसार की घटना की वह निंदा करते हैं। हुड्डा ने कहा सरकार जन विरोधी फैसले ले रही है इसलिए विरोध हो रहा है।
पूर्व सीएम हुड्डा ने इनेलो के जेल भरो आंदोलन को बस भरो आंदोलन बताया। उन्होंने कहा बस में बैठते हैं और गिरफ्तार होने का ड्रामा करते है। हुड्डा ने सीएम मनोहर लाल के द्वारा ढींगरा आयोग की रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक करने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा इस सरकार को सपने में भी मैं ही दिखाई देता हूं। उनके अनुसार मनोहर सरकार को जो करना है कर ले, लेकिन हमने कोई गलत काम नहीं किया है।
सीएम के गिल्ली-डंडा खेलने पर इनेलो ने भी घेरा
अभय चौटाला ने कहा कि पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। सफई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से राज्य भर में गंदगी फैल गई। कर्मचारी आंदोलन की राह पर हैं। किसान सड़कों पर अपनी फसल के उचित दामों के लिए मारे मारे फि र रहे और मुख्यमंत्री गुल्ली डंडा खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि वे जिलों में डीजे बजाकर किस बात का जश्न मना रहे हैं।