तेज बहादुर यादव जिला महेंद्रगढ़ के राता कलां गांव के रहने वाले हैं। बीएसएफ में नौकरी के बाद से शहर के कालाका रोड स्थित सरस्वती विहार में ही अपना मकान बनाकर रहे हैं। जनवरी 2017 में खराब खाने को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तेज बहादुर चर्चा में आए थे।
गुरुवार रात को जैसे ही उनके पुत्र की गोली लगने से हुई मौत का समाचार मिला तो परिजन और उनके गांव के लोग रात को ही रेवाड़ी पहुंच गए थे। वहीं शुक्रवार सुबह जब रोहित यादव के शव का पोस्टमार्टम प्रारंभ हुआ तब अस्पताल परिसर में गांव के बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
इकलौते बेटे की हुई मौत से परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तेज बहादुर कुंभ में प्रयाग गए थे जबकि उनकी पत्नी शर्मिला कंपनी में ड्यूटी पर गई थी। जब वे शाम को पहुंची तो उनको बेटे रोहित यादव का कमरा अंदर से बंद मिला। जब पुलिस को बुलाकर कमरे का दरवाजा तोड़ा गया रोहित का गोली लगा शव मिला था।
शव का बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल सभी एंगल से मामले की जांच की जा रही है। आत्महत्या से भी इनकार नहीं किया जा सकता है लेकिन परिजनों ने कहा है कि वह आत्महत्या नहीं कर सकता है। - दिनेश कुमार, जांच अधिकारी, मॉडल टाउन थाना प्रभारी।