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हुड्डा ने उठाया गीता के खर्च पर सवाल, CM खट्टर ने की ज्ञान की बात

Tue, 28 Nov 2017 04:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो
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गीता महोत्सव और गायों के नाम पर सरकार द्वारा किए जा रहे खर्च पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर आमने-सामने हैं। जहां भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी बताया है, वहीं मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम को इस मामले में अज्ञानी करार दिया है। दोनों राजनीतिक विरोधियों की यह बयानबाजी कई राजनीतिक मायने रखती है। हालांकि विधानसभा चुनाव अभी दो साल दूर हैं, मगर जसिया में जाट नेता यशपाल मलिक और जींद में भाजपा सांसद राजकुमार सैनी की रैलियों से बने माहौल के ठीक एक दिन बाद इन दोनों नेताओं ने अपने बयानों से माहौल को और गर्मा दिया है।
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जनता की गाढ़ी कमाई सरकार ने गीता और गायों पर बहाई
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार गीता और गाय पर जनता की गाढ़ी कमाई बहा रही है। सरकार नकारात्मक दिशा में चल रही है। प्रदेश पर कर्ज का बोझ दोगुना से ज्यादा हो गया है। जो कर्ज वर्ष 2014 में 71 हजार करोड़ रुपये था, वह अब बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश सरकार लूट, झूठ और फूट की सरकार है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्नल रामसिंह के बेटे संजय राव की पत्नी रश्मी यादव की शोकसभा में सोमवार को पहुंचे हुड्डा ने खट्टर सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तेल और रियल एस्टेट सेक्टर को जीएसटी से बाहर क्यों रखा गया है। यदि डीजल पर जीएसटी लगे तो किसानों को यह 25 रुपये लीटर के रेट पर मिले। सरकार ने तीन साल में सिर्फ तेल में ही लोगों से तीन लाख करोड़ रुपये ले लिए हैं। जनता की यह गाढ़ी कमाई गीता और गाय के नाम पर बहाई जा रही है।

जो गीता का महत्व ही नहीं जानता, उसे मैं क्या जवाब दूं
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पूर्व सीएम द्वारा गीता और गाय पर की गई टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ऐसा बयान दिया है। मुख्यमंत्री सोमवार को गुड़गांव की ओर जाते वक्त कुछ देर के लिए रोहतक में रुके थे। इस दौरान जब उनसे पूर्व मुख्यमंत्री के गीता और गाय संबंधी बयान पर पूछा गया तो, उन्होंने कहा कि जिसे गीता का महत्व ही नहीं पता है उसकी बात पर क्या जवाब देना। गीता कर्म करने की सीख देती है। प्रदेश के किसी भी युवा को अशिक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। गीता सबको कर्मों का महत्त्व बताती है। युवा जब कर्म करेंगे तो बेरोजगार भी नहीं रहेंगे। सबको रोजगार मिलेगा।
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