फायरमैन-ड्राइवर भर्ती में अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, 50-50 हजार में खरीदे प्रमाण पत्र
आयोग का फैसला : जांच के बाद ही 844 चयनितों की नियुक्ति
फर्जी दस्तावेज देने वाले अभ्यर्थियों पर होंगे केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ग्रुप सी की फायरमैन-ड्राइवर भर्ती में अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका है। आयोग के पास काफी संख्या में शिकायतें पहुंची हैं कि इस भर्ती में अभ्यर्थियों ने 50-50 हजार रुपये फायर सर्टिफिकेट और हैवी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी संस्थानों ने खरीदे हुए हैं। तमाम शिकायतों को देखते हुए आयोग ने इस भर्ती के लिए चयनित 844 अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी रोक दी है। यह भर्ती 2108 पदों की थी, जबकि शेष पद खाली रह हैं। आयोग को आशंका है कि आयोग कार्यालय के बाहर धरना दे रहे युवाओं के अलावा जो अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, उनके दस्तावेज भी फर्जी हो सकते हैं। इसलिए सबसे पहले खुफिया विभाग से इन दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच कराई जाएगी।
आयोग ने फायरमैन एंड ड्राइवर की भर्ती के लिए फायर सर्टिफिकेट और हैवी ड्राइवर लाइसेंस अनिवार्य किया था। आयोग का कहना है कि भर्ती के आवेदन के समय काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने ये दोनों ही दस्तावेज अपलोड नहीं किए। आशंका है कि बाद में इन्होंने फर्जी तरीके से पैसे देकर ये प्रमाण पत्र हासिल किए हैं। इसलिए आयोग इनके दस्तावेजों और जिन संस्थानों से से पत्र लिए गए हैं, उनकी जांच करेगा कि ये मान्य हैं या नहीं। विज्ञापन के समय की शर्त पूरा कराने वाले अभ्यर्थियों को ही नियुक्त किया जाएगा। फर्जी दस्तावेज देने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।