सात कंपनियों के जरिए लविश चौधरी तक पहुंचता था पैसा
ईडी चंडीगढ़ के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नवाब हसन और इस नेटवर्क के अन्य मुख्य एजेंट अब तक दुबई में बैठे लविश चौधरी को 7 शेल कंपनियों के जरिए पैसा पहुंचाते थे। अधिकारियों ने बताया कि इन शेल कंपनियों के नाम सामने आ चुके हैं। इनमें मैसर्स क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड, मैसर्स एन-पे बॉक्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स कैप्टर मनी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स रायनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स किंडेंट बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स मूल बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स टाइगर डिजिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नाम की शेल कंपनियां शामिल हैं। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि इन 7 में से नवाब हसन ज्यादा तीन शेल कंपनियों जिनमें मैसर्स एन-पे बॉक्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स कैप्टर मनी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स रायनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं, फॉरेक्स ट्रेडिंग का पैसा लविश चौधरी को भेजने के लिए इस्तेमाल करता था।
बॉट ब्रो के जरिए अब भी फॉरेक्स ट्रेडिंग जारी
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि नवाब हसन ने रिमांड के दौरान बताया कि क्यूएफएक्स और वाईएफएक्स प्लेटफार्म को बंद कर अब लविश चौधरी के नए नेटवर्क बॉट ब्रो के जरिए फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाला जारी है। उन्होंने बताया कि दरअसल यह एक प्रकार का ऑनलाइन प्लेटफार्म होता है, जिस पर निवेशकों को अच्छा रिटर्न देने एवज में पैसे निवेश कराए जाते हैं, कुछ दिनों तक निवेशकों को लगाए गए पैसों के एवज में रिटर्न दिया जाता है, उसके बाद कंपनी अपना ऑनलाइन साफ्टवेयर जिसके जरिए यह निवेश का काम होता है, उसे बंद कर लेती हे और दूसरा नेटवर्क बना लेती है।
अब तक ईडी ने इस केस में यह कार्रवाई की
फॉरेक्स ट्रेडिंग के इस मामले में ईडी ने बीते दिनों भारत में एक एजेंट को दबोचा था। बीते 17 सितंबर को इस नेटवर्क के टॉप एजेंट हरिंदर पाल सिंह को गिरफ्तार किया गया था, जिसने नवाब हसन को पश्चिमी यूपी का प्रमुख एजेंट बताया था। बीते 26 अगस्त को ईडी ने 9.49 करोड़ रुपये मूल्य की 45 संपत्तियों को अटैच किया था। इस साल के शुरुआत में 11 फरवरी और 4 जुलाई 2025 को की गई रेड में 185 बैंक खातों में 391 करोड़ रुपये की अवैध रकम अटैच की गई थी, जो विभिन्न शेल कंपनियों के जरिए चलाई जा रही थी।