हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन के मर्डर केस में फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अदालत में चौंकाने वाला बयान दिया है। कहा गया है कि पुलिस के अधिकारिक दस्तावेज में कांट-छांट की गई है। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को क्रास एग्जामिनेशन के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञ डा. आनंद ने बताया कि पुलिस ने अपने दस्तावेज में समय के लिए एक खाली स्थान छोड़ दिया था।
बाद में उस स्थान को नीली स्याही से भर दिया गया। साथ ही समय का भी उल्लेख 3.30 बजे लिख दिया गया था। कार्बन कापी से साफ पता चलता है कि संपूर्ण दस्तावेज काले और सफेद रंग में हैं, लेकिन बाद में समय लिखने के लिए नीली स्याही का इस्तेमाल किया गया है। यह दस्तावेज के साथ धोखाधड़ी है। दूसरी तरफ हरमेहताब ने जमानत याचिका भी दायर की है। दोनों मामले की सुनवाई अब 24 मई को होगी।