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कोरोना टीकाकरण: विदेशी कंपनी हरियाणा को छह करोड़ स्पूतनिक-वी वैक्सीन की खुराक देने को तैयार, कीमत भी बताई

Sun, 06 Jun 2021 09:07 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में वैक्सीन की कमी की वजह से 18 से 44 साल के युवाओं को टीकारण के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस समय प्रदेश के हालात ये हैं कि युवाओं का पंजीकरण तो हो रहा है लेकिन टीकाकरण के लिए स्लॉट नहीं मिल रहा है। सरकार ने 50 लाख खुराक की आपूर्ति के लिए 250 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया था लेकिन इसके मुकाबले कम डोज मिल रही हैं।
 
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स्पुतनिक-वी - फोटो : पीटीआई
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कोरोना वैक्सीन की कमी झेल रहे हरियाणा के लिए राहत भरी खबर है। अंतरराष्ट्रीय कंपनी फार्मा रेगुलेटरी सर्विसेज लिमिटेड प्रदेश सरकार को रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-वी की 60 मिलियन (छह करोड़) खुराक देने को तैयार हो गई है। इस कंपनी का मुख्यालय मालटा में है। मालटा को टैक्स हैवन भी कहा जाता है। हालांकि कंपनी ने सरकार के वैश्विक निविदा में हिस्सा नहीं लिया था। 

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कंपनी अधिकारियों ने एचएमएससीएल (हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड) को 'गमलेया इंस्टीट्यूट एंड रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड' की निर्मित स्पूतनिक-वी वैक्सीन की छह करोड़ खुराक प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। स्वास्थ्य विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा ने बताया है कि फर्म की पेशकश के अनुसार वैक्सीन की प्रति खुराक कीमत लगभग 1120 रुपये होगी।

फर्म ने उनके नाम से जारी साख-पत्र में 5,000,00 खुराक के पहले बैच की आपूर्ति के लिए 30 दिनों की समय सीमा दी है। इसके बाद आपूर्ति पूरी होने तक हर 20 दिन के अंतराल में 10 लाख खुराक दी जाएंगी।
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हरियाणा सरकार ने जारी की थी वैश्विक निविदा
हरियाणा सरकार ने 27 मई को कोरोना रोधी टीके की आपूर्ति के लिए वैश्विक निविदा जारी की थी। लेकिन हरियाणा सरकार की उम्मीदों को तगड़ा झटका चार जून को लगा। दरअसल, एक करोड़ कोरोना रोधी टीका उपलब्ध कराने के लिए जारी वैश्विक निविदा में किसी देसी और विदेशी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है। हरियाणा सरकार दोबारा से निविदा जारी करने की तैयारी में है।

एक भी राज्य की वैश्विक निविदा नहीं हुई सफल
कोरोना वैक्सीन को अधिग्रहित करने के लिए कई राज्यों ने वैश्विक निविदा जारी की थी। खास बात यह है कि इनमें से किसी भी राज्य की निविदा सफल नहीं हुई है। पंजाब को तो कंपनियों ने सीधे तौर पर सप्लाई देने से ही इनकार कर दिया था। राजस्थान में वैश्विक निविदा में कंपनियों ने अधिक रेट मांगे थे। उत्तर प्रदेश चार करोड़ डोज के लिए लगातार टेंडर की तिथि बढ़ा रहा है। महाराष्ट्र, उड़ीसा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश ने वैश्विक निविदा जारी की थी लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। लेकिन मालटा की कंपनी के प्रस्ताव ने हरियाणा सरकार को थोड़ी राहत प्रदान की।

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