शहर की खस्ता हाल ट्रैफिक लाइट्स की समस्या जल्द दूर हो सकती है। नगर निगम ने दो साल के लिए सभी ट्रैफिक लाइट्स की देखभाल की जिम्मेदारी उठाने की तैयारी की है। इसके लिए शुक्रवार को होने वाली हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव लाया जाएगा।
इसके अलावा पार्कों और ग्रीन बेल्ट की देखभाल के काम का प्रस्ताव भी मीटिंग में लाया जा रहा है। हालांकि अधिकतर पार्षद उक्त मीटिंग को लेकर खुश नहीं है। दबी जुबान में उनका कहना है कि उक्त मीटिंग में सिर्फ एक वार्ड को छोड़कर किसी वार्ड के विकास कार्यों को शामिल नहीं किया गया है। करीब डेढ़ साल से इलाकों का विकास रुका हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, मीटिंग शुक्रवार सुबह 11 बजे नगर निगम भवन में होगी। इसके लिए निगम की तरफ से पार्षदों को पहले ही एजेंडा भेज दिया गया था। इसके साथ ही डंपिंग ग्राउंड की देखभाल व सीवरेज लाइन की मेंटेनेंस का काम भी शामिल है। वहीं, कुछ अन्य मामलों पर टेबल आइटम भी लाई जा सकती है।
जिक्रयोग है कि मेयर कुलवंत सिंह के अकाली दल में शामिल होने के बाद यह पहली मीटिंग है। इस बार स्थिति पूरी बदली हुई है। दूसरी तरफ कांग्रेसी दल के सीनियर डिप्टी मेयर रिशव जैन को हटाने के लिए बीजेपी-अकाली ग्रुप के 23 पार्षद पूरी तरह से लामबंद हो गए हैं। वह सीनियर डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं।
सफाई और कुत्तों की समस्या उठाएंगे सदन में
बीजेपी पार्षद अरुण शर्मा का कहना है कि इलाके में सफाई-व्यवस्था का बुरा हाल है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। वहीं, डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अस्पताल में मरीजों का सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है। इसी तरह लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ा हुआ है। महीने में सौ से ज्यादा कुत्तों के काटे लोग सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाने पर निगम फेल साबित हो रही है।