प्रशासन ने फिर नगर निगम पर शहर में हाउस टैक्स लगाने का दबाव बना दिया है। इस बार प्रशासन ने स्मार्ट सिटी के लिए हाउस टैक्स लगाना जरूरी बताया है।
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में शहर में अलग अलग तरह के हाउस टैक्स लगाने की बात कही गई है। ताकि बेहतर सुविधाओं के लिए निगम की आय में इजाफा हो सके।
प्रशासक के सलाहकार विजय देव ने बुधवार को नगर निगम की मेयर पूनम शर्मा को साफ कहा कि सुविधाएं बढ़ाने के लिए शहर में हाउस टैक्स लगाया जाए। इस पर मेयर पूनम शर्मा ने कहा कि वह अकेले यह निर्णय नहीं ले सकतीं हैं।
मेयर पूनम शर्मा ने कहा कि हाउस टैक्स लगाने के लिए राजनीतिक सहमति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन भी उनकी मदद करे।
मेयर ने इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक का सुझाव भी प्रशासन के सामने रखा। यूटी सचिवालय में आयोजित इस बैठक में हाउस टैक्स कमेटी के चेयरमैन सुभाष चावला भी मौजूद थे।
विपक्ष के लिए संकट की स्थिति
जब भी नगर निगम सदन की बैठक में हाउस टैक्स का प्रस्ताव आया तो भाजपा ने जमकर बवाल किया। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और शहर में कांग्रेस के सांसद।
अब स्थिति बदल चुकी है, क्योंकि स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। अब अगर सदन में हाउस टैक्स का प्रस्ताव चर्चा के लिए आता है तो विपक्षी पार्षद यह नहीं तय कर पा रहे हैं कि वह विरोध करें या समर्थन।
प्रशासन खुद भी ले सकता है निर्णय
बिना हाउस टैक्स लगाए केंद्र सरकार स्मार्ट सिटी के लिए प्रशासन को ग्रांट जारी नहीं करेगा। ऐसे में अगर नगर निगम टैक्स लगाने का निर्णय नहीं लेता तो प्रशासन को खुद मजबूरी में टैक्स लगाने का निर्णय ले सकता है।
2013-14 का लिया है हाउस टैक्स
अभी तक शहरवासियों से सिर्फ साल 2013-14 का हाउस टैक्स चार्ज किया गया है। निगम ने 1 रुपये प्रति गज के हिसाब से 5 मरले से लेकर ऊपर के मकानों पर हाउस टैक्स चार्ज करने का निर्णय लिया था।
लेकिन तत्कालीन प्रशासक शिवराज पाटिल के पास जब यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए गया तो उन्होंने इतने कम रेट पर नाराजगी जाहिर करते हुए सिर्फ एक साल तक ही ही चार्ज करने की ही मंजूरी दी और नया प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
लेकिन इस पर निगम तैयार नहीं हुआ। उस समय भी निगम ने हाउस टैक्स लगाने का निर्णय इसलिए लिया था, क्योंकि तत्कालीन प्रशासक ने सदन को भंग करने की चेतावनी दे दी थी।
12 फीसदी अधिक होना चाहिए हाउस टैक्स
प्रशासन का मानना है कि नगर निगम की ओर से जो हाउस टैक्स के रेट तय किए गए थे वह काफी कम हैं। ऐसे में रेट 12 फीसदी से अधिक हो।
उदाहरण के तौर पर 5 मरले (125 गज) की कोठी पर निगम ने 1 रुपये प्रति गज चार्ज करने का निर्णय लिया था। जबकि प्रशासन चाहता है कि इससे 12 फीसदी की अधिक वसूली की जाए। 125 गज की कोठी का इस हिसाब से 1500 रुपये प्रति साल चार्ज बनेगा।
कम्युनिटी पार्किंग के प्रोजेक्ट को हरी झंडी
बैठक में शहर में कम्युनिटी पार्किंग बनाने के प्रोजेक्ट को भी सलाहकार विजय देव ने हरी झंडी दी है। यह निर्णय हुआ है कि पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक कम्युनिटी पार्किंग स्थल बनाया जाएगा।
मेयर ने सेक्टर-33, 35 और 44 में कम्युनिटी पार्किंग स्थल बनाने का प्रस्ताव रखा। जिस पर निर्णय हुआ कि जहां-जहां पर यह पार्किंग स्थल की जरूरत है, वहां सलाहकार और मेयर खुद इन इलाकों में जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।