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दिल जीतने आई फोक्सवैगन की नई पोलो

Mon, 15 Sep 2014 03:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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बाहर से देखने में भले ही यह पुरानी पोलो का अहसास कराती है लेकिन इसके अंडरहुड में प्रभावशाली बदलाव दिया गया है। फॉक्सवैगन ने इसके बाहर इतना छोटा बदलाव किया है कि अगर आप उसे बारीकी से न देखें तो समझ ही नहीं आएगा कि इसमें नया क्या है। लेकिन ये बदलाव सटीक और सही लगते हैं।
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इसका क्रोम ग्रिल बहुत अच्छे से लगाया गया है। इसमें दिए गए सीधे बार ज्यादा अच्छे लगते हैं पुराने हनीकॉम्ब ग्रिल की तुलना में। हेडलाइट्स क्लासी दिखती है और इसके एलॉय भी नए हैं।

टेल लाइट्स नई है और रीडिजाइन किए हुए बंपर भी आकर्षक दिखते हैं। ऐसे ही कुछ बदलाव गाड़ी के केबिन में देखने को मिलते हैं। इसमें लेदर में लिपटा हुआ, फ्लैट बॉटम स्टीयरिंग व्हील दिया गया है। इसके कारण यह गाड़ी अपनी कीमत से दोगुना लगती है।
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दूसरी कारों में नहीं मिलेगा यह फीचर

अब एक अच्छी बात पोलो की यह है कि इसके निचले मॉडलों में भी स्टीयरिंग पर ऑडियो कंट्रोल दिए गए हैं। यह ऐसी चीज है जो मारुति स्विफ्ट तथा अन्य कंपनियों के इस सेगमेंट की कारों में नहीं मिलती।

फॉक्सवैगन ने इसके सेंटर कंसोल को भी अपडेट किया है। एसी वेंट, टू डिन ऑडियो सिस्टम और क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम को भी मेटल से सजाया गया है। खास बात यह है कि अब पोलो के ऑडियो सिस्टम को ब्लूटुथ से सुसज्जित किया गया है।

इसका मतलब है कि आप अपने फोन को गाड़ी से कनेक्ट करके किसी का भी फोन स्टीयरिंग व्हील पर दिए गए बटन से पिक कर सकते हैं। एक चालक होने के नाते इसकी आगे की सीटें मुझे बहुत आरामदायक लगी।

ड्राइविंग माइलेज होगी इतनी

न्यू पोलो में सबसे बड़ा बदलाव इसके बोनट में किया गया है। इसके लिए 1600 सीसी टीडीआई डीजल इंजन को 1498 सीसी का करके लगाया है। इसके परिणामस्वरूप इससे धन की बचत हुई है जो कार की कीमत में देखने को मिली। इससे यह टैक्स बेनिफिट के दायरे में आ गई। मैं इस गाड़ी को टेस्ट करने के लिए दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश तक लेकर गया।

पूरे परीक्षण के दौरान 1000 किलोमीटर ड्राइव किया। सिर्फ  4000 रुपये के डीजल में मैंने इतनी लंबी दूरी तय की। इस तरह से मुझे लगभग 17 किमी प्रति लीटर का माइलेज मिला। पोलो का 1498 सीसी का इंजन 90 पीएस की शक्ति देता है। इसके अलावा यह 4200 आरपीएम पर 230एनएम का टॉर्क 1500-2500 आरपीएम के बीच देता है।

एक हाईवे ड्राइविंग के लिहाज से यह एक आदर्श शक्ति है। तेज गति से 0 की गति तक यह पलक झपकाते ही आ जाती है और सुरक्षित अंदाज में रूक जाती है।

इसके इंजन का रिफाइनमेंट इतना अच्छा है कि इंजन स्टार्ट है या बंद है इसका पता तब तक नहीं चलता जब तक एक्सीलरेटर को एक्सप्लोर न किया जाए। अपनी लाइन को यह कार पकड़कर रखती है और ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर को आत्मविश्वास से भरकर रखती है।

ये हैं निगेटिव प्वाइंट

इसकी पिछली सीट में तीन लोग बैठे तो वो उतने आराम में नहीं थे। इसकी मुख्य वजह थी पिछली सीट में कम लेगरूम का होना।

किससे है मुकाबला
भारतीय बाजार में हमेशा की तरह इस सेगमेंट में इस बार भी पोलो का सीधा मुकाबला स्विफ्ट, पोलो, आई20, लीवा, ब्रियो से ही है। लेकिन नई पोलो को टक्कर देने के लिए अन्य कंपनियों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा।

कीमत
न्यू पोलो के पेट्रोल मॉडल की कीमत 4.99 से लेकर 6.07 लाख तक और डीजल मॉडल की कीमत 6.27 से लेकर 7.37 लाख रुपये (एक्सशोरूम दिल्ली) है।
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बढ़िया माइलेज चाहिए तो ऐसे करें ड्राइव

-जब-जब आप कार को एक्सलरेट करते हैं या ब्रेक पुश करते हैं, आपकी कार का फ्यूल खर्च होता है। जितना तेजी से आप एक्सलरेट करते हैं, उतना मोटर पर दबाव पड़ता है। इससे ज्यादा फ्यूल लगता है।
-कार के टायर्स में अच्छी तरह से हवा भरी हो। टायरों में प्रॉपर हवा भरी होने से आप करीब तीन फीसदी तक फ्यूल बचा सकते हैं।
- ज्यादातर केसेस में देखा गया है कि क्रूज कंट्रोल का सही इस्तेमाल फ्यूल खर्च को कम करता है और एक कॉन्सटेंट स्पीड बरकरार रहती है।
- अपने इंजन के एयर फिल्टर को चेक करवाते रहें। गंदा फिल्टर आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। इससे इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित होगी। आसपास की गंदगी, हवा, प्रदूषण, धूल मिट्टी के कण इसमें समाते रहते हैं, इसलिए इसे समय-समय पर साफ  करवाइए।
-धीमा चलाइए। जितना तेज चलाएंगे उतना ज्यादा लोड इंजन पर पड़ेगा। स्पीडिंग सही रखकर आप 33 फीसदी तक फ्यूल बचा सकते हैं।
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