एक ओर भाग मिल्खा भाग का गाना जिंदा हैं तो बजता है... और दूसरी ओर है कॉमनवेल्थ गेम्स में रेस लगाते ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह का हू-ब-हू बुत। ऐसा बुत जिसकी आंखें कुछ कह रही हैं... बाल एकदम रियल और रेस का सीन एकदम लाइव।
खुद फ्लाइंग सिख बार-बार बुत को देखते हैं और चकित रह जाते हैं। फिर बोलते हैं... मैं तो चला जाऊंगा, यह बुत रह जाएगा। फिर कहते हैं क्या कभी सोचा है कि मिल्खा सिंह का बुत क्यों बना? इसलिए कि मिल्खा सिंह ने कभी सोचा नहीं, अपने कर्म किए बस। जो ठाना, वह कर डाला। आप भी कर सकते हैं पर जरूरत है इच्छा शक्ति की।
मिल्खा सिंह का यह बुत नई दिल्ली में एक दिसंबर से खुलने वाले मैडम तुसाद म्यूजियम में लगाया जाएगा। यह उनकी पहली मोम की प्रतिमा है। यह प्रतिमा, दिल्ली अट्रैक्शन के स्पोर्ट्स जोन में प्रदर्शित की जाएगी। इसमें उनके साथ कई अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल हस्तियां एक इंटरएक्टिव थीम वाले माहौल में जल्द ही उनके साथ दिखेंगी। यह प्रतिमा उस तस्वीर से ली गई है जिसमें उन्होंने अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था।
'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह
मिल्खा सिंह की बेहद विस्तृत और बारीकी से तैयार मोम की इस प्रतिमा को तैयार करने के लिए 300 से अधिक माप और तस्वीरों की मदद ली गई। इसको मैडम तुसाद के कई बेहद कुशल कलाकारों ने तैयार किया। यह एक शानदार स्प्रिंट मुद्रा में मूर्ति है। इस अवस्था को 1958 में कॉमनवेल्थ गेम्स में जीत के माहौल में से चुना गया है। मैडम तुसाद में मिल्खा सिंह के साथ ही कपिल देव और शहीद भगत सिंह की प्रतिमा भी लगाई जाएगी।
इस मौके पर मिल्खा सिंह ने कहा कि वह उस पल को अब भी नहीं भूले हैं जबकि क्वीन ने आकर उनको मेडल पहनाया था। क्वीन चली गईं और अंग्रेज खडे़ हो गए... एक ओर तिरंगा ऊपर जा रहा था और दूसरी ओर उनका सीना चौड़ा होता जा रहा था, गर्व था कि उन्होंने देश के लिए सम्मान हासिल किया। मिल्खा सिंह ने शेर सुनाया.. अजम हमारा कुछ भी हिस्सा है जिंदगी बनाने में...।
मिल्खा सिंह ने कहा कि काफी समय से वह राज्यवर्धन सिंह राठौर को खेल मंत्री बनाने के लिए कह रहे थे। अब जबकि राठौर स्पोर्ट्स मिनिस्टर बने हैं तो निश्चित तौर से खेल में कई बदलाव आएंगे। उन्होंने कहा कि रिजल्ट चाहिए तो कांट्रेक्ट पर कोच को टारगेट देकर रखें। उनको दो या चार साल का समय दें, खिलाड़ी दें और रिजल्ट देखें। निश्चित तौर से इससे रिजल्ट आएंगे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ ने देश को कई नामी हस्तियां दी हैं। जिसमें कपिल देव के साथ कई बड़े नाम शामिल हैं।
Milkha Singh
मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और प्रबंधक अंशुल जैन ने कहा कि मिल्खा सिंह का सम्मान करना मैडम तुसाद के लिए सम्मान का पल है। उनकी कड़ी मेहनत, उपलब्धियों और भारतीय खेलों में योगदान सभी के लिए प्रेरणा है। मैडम तुसाद एक ऐसा आकर्षण है जिसमें बॉलीवुड और हॉलीवुड, प्रसिद्ध खेल, इतिहास और राजनीतिक हस्तियों की आकर्षक दुनिया को एक छत के नीचे, योजनाबद्ध विषयों और आपसी बातचीत वाले माहौल के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
मैडम तुसाद के सभी बुत लंदन में तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि मैडम तुसाद 150 से अधिक वर्ष से मोम आकृतियां बना रही है। प्रत्येक मास्टरपीस को तैयार होने में चार महीने का समय लगता है ओर और 20 समर्पित कलाकारों की एक टीम आकृति तैयार करने के लिए शरीर के 500 से अधिक सटीक माप लेने के साथ ही अन्य रेफरेंस भी ध्यान में रखती है। सिर के असली बालों को लगाया जाता है और उनको एक-एक कर सिर में लगाया जाता है।
वहीं त्वचा के रंगों को सही से सामने लाने के लिए पेंट की कई परतों को लगाया जाता है और सही स्किन टोन के लिए टिंट्स का भी उपयोग किया जाता है। प्रतिमा को पूरी तरह से मूल की तरह जीवंत बनाने के लिए मैडम तुसाद की टीम कड़ी मेहनत करती है और मैडम तुसाद दो सदियों से इस कला में महारत के लिए जाना जाता है।