मिल्खा सिंह के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाने के मामले में नेट गेन्स इंडिया इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़े आरोपियों ने खुद को आरोपमुक्त करने की याचिका दायर की है।
मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने याचिका पर सुनवाई के लिए 4 मार्च की तारीख तय की है। बचाव पक्ष की याचिका के जवाब में अभियोजन पक्ष अगली सुनवाई पर जवाब दायर करेगा। उनके अनुसार मामले में चालान पेश हो चुका है और दोनों पक्षों में अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में याचिका का कोई आधार नहीं है।
बता दें कि इससे पहले जुलाई 2014 में आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में केस रद्द करने की याचिका दायर की थी, जिसे वापस ले लिया गया था। इसमें आरोपी पक्ष ने कहा था कि वह सीपीसी की धारा 239 के तहत ट्रायल कोर्ट से राहत लेना चाहते हैं।
मिल्खा सिंह की ओर से उनके वकील ने फरवरी 2014 में पुलिस हेडक्वार्टर सेक्टर-9 में धोखाधड़ी, जालसाजी जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज करने की शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने 21 अप्रैल 2014 को आईटी एक्ट सहित सबूत नष्ट करने की आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इस पर तीनों आरोपियों ने सरेंडर कर जमानत ले ली थी।
सेक्टर-3 थाना पुलिस ने दिल्ली स्थित नेट गेन्स इंडिया इंटरनेट प्रा. लि. से जुड़े आतिर खान, संजीव व सईद अजफर खान के खिलाफ 18 नवंबर 2014 को चालान पेश किया था।
आरोप के मुताबिक कंपनी मिल्खा सिंह से संबंधित सामग्री अपलोड कर लोगों से विज्ञापन के जरिये कमाई करना चाहती थी। आरोपियों ने मिल्खा सिंह के नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी भी बनाई हुई थी।