यूटी प्रशासन शहर के सबसे व्यस्त ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ बनाने पर विचार कर रहा है। इसका निर्माण दिल्ली के धौलाकुआं और एम्स की तर्ज पर होगा।
अगर यहां क्लोवरलीफ बन जाता है तो यह राउंड अबाउट पूरी तरह से ट्रैफिक सिग्नल फ्री हो जाएगा और इससे मोहाली, जीरकपुर या पंचकूला के अलावा आसपास के सेक्टरों में रहने वालों वाहन चालकों को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
शहर के कुछ चौराहों पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक की समस्या का समाधान खोजने के लिए मंगलवार को यूटी के गृह सचिव और कार्यवाहक प्रशासक के सलाहकार अनिल कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई जिसमें यह फैसला लिया गया कि ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ टाइप फ्लाईओवर के लिए उस एजेंसी से सलाह ली जाए, जिसने एम्स और धौलाकुआं में क्लोवरलीफ बनाया है।
चौक का ट्रैफिक कम करने की कोशिश
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रिब्यून चौक से अंबाला की तरफ जा रही सड़क को शहर के सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल किया है। प्रशासन ने हाल ही में ट्रिब्यून चौक पर ट्रैफिक का बोझ कम करने का सुझाव देने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किए थे और इसके बाद कंसलटेंट नियुक्त किया।
कंसलटेंट ने अपनी रिपोर्ट में ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ बनाने का प्रस्ताव दिया। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि ट्रिब्यून चौक पर क्लोवरलीफ बनाने में दिक्कत आ सकती है क्योंकि ट्रिब्यून चौक के आसपास खाली जगह नहीं है। चौक के आसपास इंडस्ट्रियल एरिया में होटल और अन्य यूनिट्स हैं जिन्हें अब खाली नहीं कराया जा सकता है।
ऐसे में क्लोवरलीफ बनाने के लिए जितनी जगह चाहिए उतनी वहां नहीं है। यही वजह है कि बैठक में इस योजना पर एक और एजेंसी की सलाह लेने का फैसला लिया गया।
बैठक में यूटी के वित्त सचिव सर्वजीत सिंह, चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर, प्रशासन के चीफ इंजीनियर एसके चड्ढा, नगर निगम के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद, संयुक्त गृह सचिव एमएम सभरवाल भी मौजूद थे।
हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट पर भी फ्लाईओवर
बैठक में हाउसिंग बोर्ड लाइट प्लाइंट पर ट्रैफिक के लगातार बढ़ रहे बोझ को कम करने के लिए विस्तृत स्टडी कराने का फैसला लिया गया। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि यहां लाइट प्वाइंट पर फ्लाईओवर आसानी से बन सकता है और इसके लिए लाइट प्वाइंट के आसपास पर्याप्त जगह भी है। इससे पंचकूला से चंडीगढ़ आने वाला ट्रैफिक आसानी से आ जा सकेगा। यह तय हुआ कि फ्लाईओवर बनाने से पहले एक बार एजेंसी से स्टडी करवा लिया जाए कि फ्लाईओवर बनाना सही रहेगा या नहीं।
इंडस्ट्रियल एरिया में अतिरिक्त लेन
बैठक में इंडस्ट्रियल एरिया की तरफ सड़क की एक और लेन बनाने का भी फैसला लिया गया। इसके लिए मौजूदा सड़क को चौड़ा किया जाएगा और सड़क की ब्यूटीफिकेशन होगी। बैठक में दक्षिण मार्ग पर ट्रैफिक की मूवमेंट आसान करने के लिए जल्द से जल्द सिंक्रोजाइजेशन का काम पूरा करने का भी फैसला लिया गया।
लटका पड़ा है अंडरपास का निर्माण
शहर के ट्रिब्यून और ट्रांसपोर्ट चौक पर अंडरपास बनाने की भी योजना है। चंडीगढ़ में आठ अंडरपास बनाने की योजना कई सालों से लटकी है। शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के कारण मध्य मार्ग और दक्षिण मार्ग पर कुल आठ अंडरपास तैयार किए जाने थे। पिछले साल चंडीगढ़ प्रशासन को आठ अंडरपास के लिए पांच करोड़ रुपये मिले थे और इस साल के बजट में भी पांच करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन इसका पैसा दूसरे मद में खर्च कर दिया गया।