अब चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग आठ बजे के बाद भी हो सकेगी। देश के रक्षामंत्रालय ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर अब तक सिर्फ सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक विमानों की लैंडिंग होती थी।
यह जानकारी राज्य युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल को लिखे एक पत्र से दी।
तीन मार्च को लिखे गए एक पत्र के माध्यम से बताया गया है कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट से इंटरनेशनल उड़ान के लिए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और अन्य सुविधाओं के संग वाच आवर्स को बढ़ाना आवश्यक था।
इसीलिए मिनिस्ट्री आफ डिफेंस ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसमें जानकारी दी गई है मिनिस्ट्री ने कुछ प्राइवेट एयरलाइंस आठ बजे के बाद भी यहां से आपरेट कर सकेंगी।
साढ़े आठ बजे उड़ा चार्टर्ड
मौसम की खराबी की वजह से बुधवार को चार्टर्ड विमान साढ़े आठ बजे चंडीगढ़ से रवाना हुआ। एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि उड़ान समय पर नहीं हो सकी और उसके बाद एयरफोर्स से अनुमति लेनी पड़ी।
चंडीगढ़ से हैं 15 उड़ानें
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर अभी कुल पंद्रह उड़ानें हैं। इन उड़ानों का आपरेशन अभी तक सिर्फ आठ बजे तक होता है। बिना अनुमति के कोई भी उड़ान आठ बजे के बाद नहीं हो सकती है। स्पाइसजेट, गो एयर, एयर इंडिया, इंडिगो, जेट एयरवेज की फ्लाइट्स हैं।
इंटरनेशनल उड़ान थी मुश्किल
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर वाचआवर्स के सीमित होने की वजह से इंटरनेशनल उड़ान मुश्किल थी। वाच आवर्स को मंजूरी के साथ ही यहां से इंटरनेशनल उड़ान को भी मंजूरी नहीं प्रदान की जा रही थी।
चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है और किसी भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए आवश्यक है कि जो भी फ्लाइट्स बाहर से आती हैं उनको लैंडिंग के लिए समय दें। कई बार फ्लाइट्स देरी से पहुंचती हैं। वाच आवर्स के बढ़ने से इन फ्लाइट्स को लाभ होगा।
चंडीगढ़ से वाच आवर्स को बढ़ाना समय की आवश्यकता थी। इंडस्ट्री और बिजनेस के लिए यह सबसे आवश्यक हो गया है।
पिकेंदर पाल सिंह, रीजनल डायरेक्टर, सीआईआई नार्र्दर्न रीजन
चंडीगढ़ से व्यापारी वर्ग और उद्यमियों को राहत होगी। अब तक उनको कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा ही मिलता था, वाच आवर्स बढ़ाने का संकेत सीधा इंटरनेशनल फ्लाइट से जुड़ा है। जल्द ही यहां से इंटरनेशनल उड़ान भी होंगी।
चरंजीव सिंह, अध्यक्ष, चंडीगढ़ व्यापार मंडल
चंडीगढ़ में सीमित वाच आवर्स की वजह से उड़ानों की बाध्यता थी। घरेलू उड़ान भी यहां आठ बजे के बाद नहीं उतर सकती थीं। अब लोगों को काफी लाभ होगा।
समीर गोयल, इंफोसिस