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Chandigarh News: टीजीटी परिणाम में खामियां, आयोग ने संशोधन के साथ दोबारा जारी की चयनितों की सूची

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-एक रोल नंबर कई बार लिखा गया, आयोग ने सुधारी गलती
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-कैटेगरी वाइज मेरिट बनाने को लेकर अभ्यर्थी जता रहे आपत्ति, रविवार को छुट्टी होने के बावजूद चयनितों को कराया ज्वाइन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा टीजीटी के 7471 पदों के जारी किए गए परिणाम में अभ्यर्थियों ने खामियों के आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इसमें एक-एक रोल नंबर कई-कई बार लिखा गया है, जबकि कैटेगरी वाइज मेरिट सूची बनाने पर भी अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। परिणाम को लेकर काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने आयोग के पास आपत्ति दर्ज कराई है। आपत्ति आने के बाद आयोग ने संशोधित रूप से चयनितों का परिणाम जारी किया है। उधर, हरियाणा सरकार द्वारा चयनित टीजीटी को रविवार को छुट्टी होने के बावजूद ज्वाइनिंग कराया गया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि आरक्षित श्रेणी की मेरिट, अनारक्षित श्रेणी से कम होती है, लेकिन इस परिणाम में बहुत सारी कैटेगरियों में महिला उम्मीदवारों की मेरिट संबंधित कैटेगरी की मेरिट से ऊंची है, जबकि सभी कैटेगरी में महिलाओं का 33 प्रतिशत आरक्षण है। इसी प्रकार, कुछ विषयों में आरक्षित श्रेणी की मेरिट सामान्य श्रेणी से ऊंची है, जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं हो सकता। अभ्यर्थियों ने आशंका जताई है कि महिलाओं को सामान्य मेरिट में नहीं रखा गया है और ना ही कैटेगरी की मेरिट में रखा गया है, बल्कि होरिजेंटल व वर्टिकल दोनों ही तरह से उनकी 33 प्रतिशत सीटों पर अलग से मेरिट बनाई गई है। सभी वर्गों की महिलाओं को आरक्षित कोटे में ही सीमित कर दिया गया, जबकि कइयों के सामान्य श्रेणी से अधिक हैं।
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महिलाओं के साथ-साथ कुछ विषयों में आरक्षित श्रेणी के पुरुषों के साथ भी ऐसा ही है। जैसे टीजीटी आटर्स यहां बीसीए की मेरिट सामान्य श्रेणी से भी ऊंची है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इसका सीधा मतलब ये बनता है कि आरक्षण महिलाओं को 33 प्रतिशत की जगह पुरुषों को 77 फीसदी आरक्षण और आरक्षित श्रेणी की जगह सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को आरक्षण दिया गया है।
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कोट
टीजीटी परिणाम जारी होने के बाद कुछ रोल नंबर रीपिट होने का मामला सामने आया था, वह चयनित नहीं है, बल्कि जिन अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में केस कर रखे हैं, ये उनके रोल नंबर हैं और फिलहाल उनका परिणाम रोका गया है। शेष का परिणाम जारी किया गया है। आयोग के संज्ञान में आते ही चयनितों की संशोधित सूची जारी की गई है और इससे चयनित सूची पर कोई असर नहीं पड़ा है। आयोग ने पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर परिणाम तैयार किया है। अगर किसी अभ्यर्थी की व्यक्तिगत कोई दिक्कत है तो वह आयोग को अपनी शिकायत दे सकता है, उस पर पूरा गौर किया जाएगा।-एडवोकेट हिम्मत सिंह, चेयरमैन, एचएसएससी।
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