गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन द्वारा शिक्षा विभाग दफ्तर के आगे दिया जा रहा तीन दिवसीय धरना वीरवार को खत्म हो गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि धरने के दौरान भी अधिकारियों ने टीचरों की मांगों पर चुप्पी साधे रखी।
अब जनवरी के पहले हफ्ते में शिक्षामंत्री सिकंदर सिंह मलूका के हलके में झंडा मार्च निकाला जाएगा।
धरने के आखिरी दिन आठ जिलों के टीचर रोष प्रदर्शन में शामिल हुए। इनमें होशियारपुर, पटियाला, गुरदासपुर, पठानकोट, कपूरथला, मानसा, फतेहगढ़ साहिब व संगरूर जिले शामिल थे।
सूबा महासचिव शिव कुमार ने कहा कि एक महीने से ज्यादा समय से आंदोलन कर रहे एसएसए-रमसा को पूरे स्केल दिए जाएं।
महकमे में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को रेगुलर किया जाए। कुलदीप पूरेवाल ने स्कूलों की क्लबिंग व मर्जर का फैसला वापस लेने की मांग की।
रणजीत मान ने विभिन्न कैडर के अधिकारियों के प्रमोशन की ठोस नीति बनाने की मांग की। वहीं, पुष्पिंदर सिंह का कहना था कि पे-कमीशन का तीस फीसदी बकाया जल्द अदा किया जाए।
जगपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने मास्टर कैडर की विषय-वार सीनियॉरिटी लिस्ट बना कर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
इसे रद्द करके पहले की तरह साझी लिस्ट बनाई जाए।किया। कश्मीरा सिंह ने कहा कि अतिक्रमण की सूचना मिलते ही उनकी टीम मौके पर पहुंचती है।