बिजली विभाग न सिर्फ बिजली दरें 21 फीसदी बढ़ाने का इच्छुक है, बल्कि उपभोक्ताओं पर प्रति किलोवाट 20 से 100 रुपये तक फिक्स्ड चार्ज भी लगाना चाहता है।
विभाग की ओर से ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) को दी गई याचिका में इसका भी प्रस्ताव है।
बिजली विभाग ने कमीशन से अनुरोध किया है कि विभाग का घाटा पूरा करने के लिए यह जरूरी है। फिक्स चार्ज के लिए स्लैब भी बनाए गए हैं।
वर्ष 2011-12 में घरेलू उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज वसूले जाते थे, लेकिन, 2012-13 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इसे बंद कर दिया गया। सिर्फ कॉमर्शियल उपभोक्ताओं से ही फिक्स चार्ज वसूला जाता था।
मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए भी फिक्स चार्जेस लेने का प्रस्ताव बिजली विभाग ने जेईआरसी को भेजा था, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया था। वर्ष 2011-12 में 5 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह के हिसाब से फिक्स चार्ज निर्धारित किया गया था। जेईआरसी प्रशासन के बिजली विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूर कर देता है तो इससे शहर के लगभग दो लाख घरेलू उपभोक्ता प्रभावित होंगे।
इतना बढ़ेगा बोझ
अगर किसी के घर का इलेक्ट्रिसिटी लोड 10 किलोवाट है तो उसका प्रतिमाह बिजली का बिल 200 से 300 रुपये और बढ़ जाएगा। बिजली का बिल दो माह का आता है।
ऐसे में उपभोक्ताओं को दो माह के 400 से 600 रुपये ज्यादा देने होंगे। चंडीगढ़ में औसतन लोगों के घर का बिजली का लोड 5-6 किलोवाट है। ऐसे में इन लोगों के बिजली का बिल 100 से 150 रुपये प्रति माह बढ़ जाएगा। ध्यान रहे कि बिजली विभाग ने जेईआरसी के पास जो याचिका दायर की है उसमें घरेलू और कामर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली के रेट में 21 फीसदी तक बढ़ोतरी करने का उल्लेख किया गया है।