चंडीगढ़। जिला अदालत ने हत्या के प्रयास के एक मामले में गिरफ्तार पांच युवकों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। सुनवाई के दौरान पीड़ित ने आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया, जबकि तीन साल पहले उसी की शिकायत पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
बरी किए गए युवकों की पहचान पंचकूला सेक्टर-17 निवासी मोनू उर्फ मुन्ना, करण उर्फ गोलू, मौलीजागरां निवासी तोता राम, धरमिंदर और रोहित उर्फ कांचा के रूप में हुई है। मौलीजागरां थाना पुलिस ने मार्च 2022 में इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 341, 307, 506 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
आरोप था कि सभी ने मिलकर मौलीजागरां में राजन नामक युवक पर लोहे की रॉड और डंडों से जानलेवा हमला किया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद राजन को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित की मां प्रेमा ने 22 मार्च 2022 को पुलिस को शिकायत दी थी।हालांकि, अदालत में गवाही के दौरान न केवल राजन बल्कि उसकी मां भी अपने बयानों से मुकर गई। संवाद