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'कलेजे का टुकड़ा थी, मेरी आंखों के सामने उसकी गर्दन कट गई...मैं कुछ नहीं कर पाई'

Tue, 13 Feb 2018 09:24 AM IST
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
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हादसे में बच्ची की मौत
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मेरे कलेजे का टुकड़ा थी, मेरी ही आंखों के सामने उसकी गर्दन धड़ से अलग हो गई और मैं कुछ नहीं कर पाईं...कहते कहते बच्ची की मां बेहोश हो गई।
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रह-रहकर मां को होश आता है तो कहती है, अब मैं कैसे जिऊंगी। घटना पंजाब के फिरोजपुर की है। नाना-नानी से मिलने जा रही थी। दो दिन बाद स्कूल में दाखिला होना था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मौत आई और पांच साल की परी को अपने साथ ले गई। लेकिन जाते-जाते एक मां को जिंदगी भर का गम दे गई, जिसे सहते हुए उसे जीना है बेटे की खातिर।

शेखावाली बस्ती निवासी याशिका उर्फ परी की शनिवार दोपहर हादसे में मौत हो गई। घर से महज सौ मीटर की दूरी पर वह इस हादसे का शिकार हो गई, जिसमें उसका सिर धड़ से अलग हो गया। यह भयानक मंजर देख मां सोफिया बेहोश हो गई, वहीं पिता अरुण भी बदहवास हैं। पांच वर्षीय परी अरुण की बड़ी संतान थी और एक तीन साल का बेटा है। फिलहाल परी चर्च के स्कूल में पढ़ रही थी और अब कॉन्वेंट में दाखिला होना था।
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लेकिन एक हादसे ने सब खुशियों पर पानी फेर दिया। हादसे के बाद से मृतक बच्ची के मां-बाप, नाना नानी, मामा सभी का बुरा हाल है। पिता कहते हैं, उन्हें नहीं पता था, जिस बेटी को वह इतने नाज से पाल रहे हैं, इस तरह छोड़कर चली जाएगी। उसकी जिद पर ही मैं उसे नाना-नानी से मिलवाने के लिए लेकर जा रहा था, अगर पता होता कि ऐसा होगा तो घर से बाहर ही कदम न रखने देता।

ट्रक की तेज गति बनी हादसे का कारण

हादसे में बच्ची की मौत
घटना के वक्त मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी राधेश्याम ने बताया कि जीरा गेट के पास अक्सर ही भीड़भाड़ रहती है। उस एरिया में भारी वाहनों की आवाजाही भी बैन थी। हर रोज की शनिवार दोपहर भी भीड़ का माहौल था। अचानक एक ट्रक प्रतिबंधित हिस्से में घुस आया और उसने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बच्ची उछलकर सड़क पर गिर गई और ट्रक के नीचे आ गई।

प्रतिबंधित समय में वाहन घुसने से चार महीने में दूसरी घटना
शनिवार को हुआ हादसा प्रतिबंधित समय में वाहन घुसने से होने वाला दूसरा बड़ा हादसा है, जिसमें बच्ची की जान गई है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में मॉल रोड पर सदर थाने के समाने हुए सड़क हादसे में 17 वर्षीय मयंक शर्मा की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने भारी वाहनों का शहर में दिन के समय प्रवेश वर्जित कर दिया था, परंतु शनिवार को हुई घटना से प्रशासन के आदेश की अवहेलना साफ झलक रही है।
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लोगों ने घेर कर ट्रक पकड़ा, चालक को किया पुलिस के हवाले

हादसे में बच्ची की मौत
जिला ट्रैफिक प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि ट्रक प्रतिबंधित एरिया में घुसा था, जिस वजह से यह हादसा हुआ। लोगों ने ट्रक को घेरकर चालक को पकड़ लिया। फिलहाल ट्रक व चालक गुरदेव सिंह दोनों पुलिस की हिरासत में हैं। वहीं घटना के बाद से ट्रैफिक पुलिस ने शहर में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी है।

हादसे में बच्ची की दर्दनाक मौत ने सभी को हिलाकर रख दिया है। बच्ची पिता अरुण और मां के साथ बाइक पर जा रही थी। अरुण पेट्रोल डलवाकर पेट्रोल पंप से निकल रहे थे कि तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक पीबी 22 डी 9997 ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही अरुण, उसकी पत्नी सोफिया, बेटी याशिका सड़क पर गिर गए।

गिरते समय ट्रक का अगला टायर बच्ची की गर्दन पर चढ़ गया, जिससे बेटी की गर्दन धड़ से अलग हो गई। मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। हादसे में बच्ची की मां सोफिया का एक हाथ टूट गया है। बेटी का शव देखकर सोफिया बेहोश हो गई थी, जिसे आनन फानन में सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
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