परिवार के साथ बाबे श्री गुरु नानक देव जी का ब्याह देखने आया पांच साल का बच्चा खुले गटर में गिया गया, जिस वजह से उसकी मौत हो गई। हादसा पंजाब के बटाला में शनिवार रात हुआ। उसका शव रविवार सुबह करीब आठ बजे सीवरेज के खुले गटर में मिला। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने शव को लेकर पहले जालंधर रोड पर चक्का जाम किया और उसके बाद जीटी रोड पर गांधी चौक में चक्का जाम कर दिया।
सूचना पाकर एसपी विपन चौधरी और एसडीएम बटाला रोहित गुप्ता मौके पर पहुंचे। परिजनों का कहना था कि उनके बच्चे की मौत का जिम्मेदार बटाला का प्रशासन है। वहीं नगर काउंसिल बटाला और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज होने पर शाम साढ़े चार बजे के करीब धरना उठा लिया गया। जालंधर रोड पर प्रदर्शन के दौरान नन्हे गुरनूर सिंह के ताया हरपाल सिंह निवासी गांव छित्त् बच्चे के शव को अपनी गोद में लिए बैठे रहे।
उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गांव से एक ट्राली में शनिवार रात विवाह पर्व के उपलक्ष्य में पालकी साहिब को माथा टेकने आए थे। रात करीब 9 बजे गुरनूर अपनी मां नवदीप कौर का हाथा छुड़ाकर बाथरूम करने के लिए ट्राली से नीचे उतरा। उसके बाद पता नहीं चला कि वह किधर चला गया। सारी रात वह बच्चे को ढूंढते रहे, लेकिन वह कहीं न मिला।
पुलिस थाना सिविल लाइन बटाला और थाना सिटी को भी सूचित किया मगर किसी ने उनकी एक न सुनी। रविवार सुबह करीब आठ बजे नवदीप कौर जालंधर रोड के पास एक गटर के पास गई तो उसने गुरनूर की चप्पल देखी। नवदीप कौर ने शोर मचाया। उन्होंने जब खुले गटर को अंदर से देखा तो उसमें गुरनूर का शव पड़ा था।
8 घंटे पहले ही हो चुकी थी मौत
खुले गटर में गिरा बच्चा
परिवार के सदस्यों ने शव को बाहर निकाला। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे की मौत करीब आठ घंटे पहले हो चुकी है। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने जीटी रोड जाम कर दिया। परिजनों का आरोप था कि अगर प्रशासन जिम्मेदारी से अपना काम करता तो उनका गुरनूर जिंदा होता। उन्होंने नगर काउंसिल बटाला और सीवरेज बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग भी की।
यह बहुत दुखदायक घटना है। पुलिस ने धारा 304 ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामला दर्ज होने के बाद जांच की जाएगी। जो भी अधिकारी आरोपी होगा, उसे मामले में नामजद करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार को पीड़ित परिवार को बनता आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव भेजेंगे। इस संबंध में सरकार को फाइल भेज रहे हैं। मुआवजा पीड़ित परिवार के आर्थिक हालत को देखकर ही निश्चित किया जाएगा।
विपुल उज्ज्वल, डीसी, गुरदासपुर
पुलिस ने इस मामले में नगर काउंसिल और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रभजोत सिंह, एसएचओ, थाना सिविल लाइन, बटाला
प्रशासन भी जिम्मेदार
परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा विवाह पर्व पर सभी तरह के प्रबंध पूरे करने वाले दावे झूठे साबित हुए हैं। उनका कहना था कि विभाग ने काम ठीक किया होता और गटर को बंद कर दिया होता तो आज उनके घर का चिराग न बुझता।