चंडीगढ़। आठ साल पुराने रिश्वत मामले में सेना के सीनियर ऑडिटर वितेश कुमार को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में वितेश कुमार को मंगलवार को दोषी करार दिया गया था। वहीं, मामले में सह आरोपी कश्मीरी लाल को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। बता दें कि सेंट्रल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की एंटी करप्शन शाखा ने वर्ष 2015 में रिश्वत मांगने के मामले में सेक्टर 9 स्थित केंद्रीय सदन में ट्रैप लगाया था। यह ट्रैप पठानकोट के रहने वाले एक ठेकेदार की शिकायत पर लगाया गया था। सीबीआई को दी शिकायत में पीड़ित ठेकेदार ने बताया था कि उसके पास आर्मी में इलेक्ट्रिकल और स्टेशनरी आइटम्स सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट है। आरोपों के मुताबिक आर्मी अथॉरिटी के पास उसका करीब साढ़े दस लाख रुपये बकाया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि आरोपी अधिकारी उसी पैसे को रिलीज करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। बिल पास करवाने के लिए उसने डिफेंस आफिस के अकाउंट डिपार्टमेंट में तैनात सीनियर आडिटर वितेश कुमार से संपर्क किया तो उसने बिल क्लियर करने की एवज में ठेकेदार से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। उसने रिश्वत की रकम कार्यालय के कर्मचारी कश्मीरी लाल को देने के लिए कहा था। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई टीम ने सेक्टर-9 स्थित कार्यालय में ट्रैप लगाया था। उक्त मामले में सीबीआई ने ट्रैप लगाकर डिफेंस अकाउंट्स के सीनियर ऑडिटर वितेश कुमार और एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार किया था। हालांकि गिरफ्तार किए गए साथी कर्मचारी कश्मीरी लाल को अदालत ने सबूतों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया था।