राजपुरा में कोविड -19 के मिले ताजा मामलों के मद्देनजर डीसी कुमार अमित ने एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, कमिश्नर नगर निगम पूनमदीप कौर, सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा के साथ बैठक करके रणनीति तैयार की। फैसला लिया गया कि कि अगले तीन दिनों में राजपुरा के हर निवासी की स्क्रीनिंग की जाए।
इस दौरान राजपुरा सील रहेगा और कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी। डीसी ने नगर काउंसिल के कार्य साधक अफसर रवनीत सिंह ढोट को आदेश दिए कि लोगों को दूध, सब्जियां, फल, किराना का समान और दवाओं की सप्लाई यकीनी बनाई जाए। राजपुरा सब डिवीजन के सभी बैंक अगले आदेशों तक सार्वजनिक लेन-देन के लिए बिल्कुल बंद रखे जाएंगे। अनाज मंडी में गेहूं की खरीद जारी रहेगी।
पठानकोट के 23 संक्रमितों में छह की पहली रिपोर्ट निगेटिव
हॉटस्पॉट की श्रेणी में पहुंच चुके पठानकोट के लिए राहत भरी खबर आई है। अमृतसर से आई रिपोर्ट में पठानकोट के 23 संक्रमितों में से छह लोगों की पहली रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी लोग पठानकोट की पहली संक्रमित मृतक महिला के रिश्तेदार हैं।
डीसी गुरप्रीत सिंह खेहरा ने बताया कि पठानकोट में पिछले पांच दिन से कोई संक्रमित सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि सोमवार देर रात जारी सूची में मृतक महिला के सुजानपुर शेखां मोहल्ला निवासी पति, बेटे, दो बहू, पोते और जुगियाल निवासी सास की पहली रिपोर्ट निगेटिव आई है।
बरनाला जिले में कोरोना को लेकर एक माह से स्थिति बेहतर बनी है। फरीदकोट में कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए तीनों व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सिविल अस्पताल में एक हेल्थ वर्कर को शनिवार को कोरोना का संदिग्ध लगने के बाद भर्ती किया गया है। उसे आइसोलेट कर सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
9 अप्रैल को मौत का शिकार हुई महिला के 16 संपर्कों में से 11 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी पांच की रिपोर्ट आना बाकी है। संगरूर में कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए हलका महलकलां के गांव बीहला निवासी दो लोगों की रिपोर्ट का इंतजार है।
वही बरनाला निवासी एक अन्य कोरोना संदिग्ध की रिपोर्ट का इंतजार है। अब जिले में कुल 10 लोगों की रिपोर्ट का इंतजार है। सीएमओ डॉ. गुरिंदरबीर सिंह ने कहा कि लोगों की सतर्कता के साथ ही कोरोना को हराया जा सकता है। इसकी उदाहरण बरनाला में 30 दिनों से बेहतर बने हालात हैं।
लुधियाना में तब्लीगी जमात से संबंधित 26 वर्षीय युवक की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। दोपहर बाद उसे स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल के आइसोलशन वॉर्ड से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। जिले कोरोना को मात देने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले गुरदेव नगर निवासी महिला ने कोरोना को मात दी थी।
दोराहा के गांव राजगढ़ निवासी 27 वर्षीय युवक डेयरी का काम करता है। मार्च में वह हैदराबाद से लौटते समय दिल्ली में आयोजित जमात में शामिल हुआ था। पांच अप्रैल को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, इसके बाद उसके परिवार के अन्य सदस्यों को क्वारंटीन किया गया था लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मंगलवार बाद दोपहर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
गांव चतामली निवासी पॉजिटिव की रिपोर्ट निगेटिव, घर वापसी
रोपड़ के गांव चतामली निवासी युवक की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद युवक को घर भेज दिया गया। युवक को मिलने के लिए जिले की डीसी और एसडीएम मोरिंडा पहुंचे। इस दौरान युवक ने ज्ञान सागर अस्पताल के प्रबंधों पर तसल्ली दी। उसकी माता अभी ज्ञान सागर अस्पताल में इलाजरत है। उनके दूसरे सैंपल की रिपोर्ट पेंडिंग है।
इसी परिवार के एक व्यक्ति की कोरोना वायरस के कारण मौत हो चुकी है। डीसी सोनाली गिरी ने बताया कि युवक को एहतियात के तौर पर 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन रखा जाएगा। उसकी माता की सेहत में भी सुधार है। सिविल सर्जन डॉ. एचएन शर्मा ने बताया कि अब तक 72 लोगों को सैंपल लिए गए हैं जिनमें से 63 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है और सात लोगों की रिपोर्ट पेंडिंग है।
फतेहगढ़ साहिब में संक्रमित महिला की रिपोर्ट निगेटिव, डिस्चार्ज
औरंगाबाद से दिल्ली निजामुदीन जमात में हिस्सा लेकर फतेहगढ़ साहिब लौटी दो महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इनमें से एक महिला की रिपोर्ट दो बार निगेटिव आने के कारण उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं दूसरी महिला की रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई है। सिविल सर्जन डॉ. एनके अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी देने के बाद महिला को खमाणों में 15 दिन के लिए एकांतवास में रखा गया है। दूसरी महिला के दोबारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
कोरोना के कारण जान गंवाने वाले पद्मश्री रागी भाई निर्मल सिंह खालसा की बेटी जसकीरत कौर ने 18 दिन में कोरोना से जंग जीत ली है। टेस्ट निगेटिव आने के बाद मंगलवार सुबह उन्हें जालंधर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। शाहकोट की जसकीरत को दो अप्रैल को कोरोना संदिग्ध मानते हुए अस्पताल में दाखिल कराया गया था। 3 अप्रैल शाम को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 21 अप्रैल को जब उनका फाइनल रिपीट टेस्ट निगेटिव आया तो विभाग ने उन्हें डिस्चार्ज करने का फैसला लिया और छुट्टी देकर घर भेज दिया।
जसकीरत के पिता निर्मल सिंह की कोरोना के कारण मौत हो गई थी। जसकीरत अमृतसर में उनसे मुलाकात करके आई थी। भाई निर्मल सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर अमृतसर के वेरका गांव में काफी हंगामा हुआ था। जसकीरत को इन सब के बारे में अस्पताल में पता चल गया था, जिससे वह काफी आहत भी हुई थीं लेकिन उन्होंने अपना मनोबल व सकारात्मक ऊर्जा कम नहीं होने दी और कोरोना से जंग जीत ली।
मरकज से जुड़े 11 पॉजिटिव मामलों में से एक महिला मरीज की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। इस महिला को ठीक होने के बाद मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी देकर बुढलाडा भेज दिया गया। वह मूलरूप से छत्तीसगढ़ की है और लॉकडाउन से पहले दिल्ली में मरकज से हिस्सा लेने के बाद अपने परिवार के साथ बुढलाडा की मस्जिद में आकर रुकी थी। डीसी गुरपाल सिंह चहल, सिविल सर्जन डॉ. लाल चंद ठुकराल, एसएमओ अशोक कुमार व संतोष भारती समेत अन्य स्टाफ ने महिला का फूलों से स्वागत किया।
कपूरथला के पहले मरीज ने जीती कोरोना से जंग
सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में पिछले 16 दिनों से दाखिल तब्लीगी जमात से संबंधित युवक ने कोरोना से जंग जीत ली है। उसकी दूसरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट भी निगेटिव आने पर उसे छुट्टी दे दी गई। 18 अप्रैल को उसकी पहली टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इस मौके पर डीसी दीप्ति उप्पल, सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. जसमीत बावा और अन्य मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ उपस्थित था। उच्चाधिकारियों ने उसे केक भी भेंट किया गया।