चंडीगढ़। जिला अदालत ने नाबालिग को वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेलने और यौन शोषण मामले में चार महिलाओं समेत पांच लोगों को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं के तहत 5-5 साल के कैद की सजा सुनाई। साथ ही 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सजा पाने वालों में चंचल चौहान, पूनम जैन, सुमन धुन्ना, राज रानी, सुमित्रा और रविंदर सिंह शामिल हैं।
दोषियों के खिलाफ मनीमाजरा थाना पुलिस ने नाबालिग की मां की शिकायत पर आईपीसी की धारा 363/366 (अपहरण), 376 (3) (दुष्कर्म) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। दर्ज केस के मुताबिक, पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता की मां ने बताया था कि वर्ष 2022 में उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी घर से लापता हो गई थी। पुलिस ने कुछ दिनों बाद नाबालिग को ढूंढ निकाला और उसे आश्रय गृह भेज दिया। जब उसकी काउंसलिंग की गई तो उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने उसकी तस्करी कर उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेल दिया था। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार किया था।