नया खेल सत्र शुरू हुए पांच महीने बीते, प्रतियोगिता की तारीख तक तय नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नया खेल सत्र शुरू हुए छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस साल होने वाले खेल महाकुंभ का आधिकारिक शेड्यूल अभी तक जारी नहीं हुआ है। शेड्यूल नहीं आने से गुरुग्राम समेत प्रदेशभर के खिलाड़ियों की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
पिछले वर्षों में खेल महाकुंभ की जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं जून से सितंबर के बीच आयोजित हो जाती थीं। इस बार सितंबर शुरू होने के बावजूद प्रतियोगिताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रतियोगिताओं में देरी का सबसे बड़ा असर उन खिलाड़ियों पर पड़ रहा है, जो सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में अपनी निर्धारित आयु सीमा के अंतिम वर्ष में हैं। खिलाड़ियों को डर है कि यदि प्रतियोगिता समय पर नहीं हुई तो वे अगले सत्र में ओवरएज हो सकते हैं और इस वर्ष बिना प्रतियोगिता खेले ही उनका मौका खत्म हो जाएगा।
खेल महाकुंभ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के प्रमाणपत्र खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर खिलाड़ियों को खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में अवसर और खेल नर्सरियों में मिलने वाली छात्रवृत्ति जैसी सुविधाओं का लाभ मिलता है। खिलाड़ी किसी बड़ी प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए कई महीने पहले से अपनी ट्रेनिंग और डाइट का कार्यक्रम तैयार करते हैं। पीक फॉर्म हासिल करने के लिए खिलाड़ी रोजाना कई घंटे अभ्यास करते हैं और अपनी तैयारी पर हर महीने हजारों रुपये खर्च करते हैं। प्रतियोगिता की तारीख तय नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को यह तय करने में परेशानी हो रही है कि उन्हें अपनी तैयारी का अगला चरण कब शुरू करना है।
वर्जन......
खेल निदेशालय की ओर से खेल महाकुंभ का आधिकारिक शेड्यूल अभी जारी नहीं किया गया है। शेड्यूल मिलने के बाद ही जिला और राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ की प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी। - आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
बाइटस.....
लगातार ट्रेनिंग कर रहे हैं, लेकिन प्रतियोगिता की तारीख की जानकारी नहीं होने से तैयारी को लेकर असमंजस है। खिलाड़ी प्रतियोगिता के हिसाब से अपनी ट्रेनिंग को पीक पर लेकर जाते हैं, लेकिन कैलेंडर नहीं होने से पूरी तैयारी प्रभावित हो रही है। - संजू, एथलेटिक्स खिलाड़ी
खेल महाकुंभ के लिए काफी समय से तैयारी कर रहे हैं। जुलाई में प्रतियोगिता होने की जानकारी मिली थी, लेकिन सितंबर शुरू होने के बावजूद अभी तक प्रतियोगिता नहीं हुई है। - विनय, बॉक्सिंग खिलाड़ी
प्रतियोगिता में देरी होने से खिलाड़ियों को अपनी तैयारी का लक्ष्य तय करने में परेशानी होती है। खासकर उन खिलाड़ियों के लिए स्थिति अधिक चिंताजनक है, जो आयु वर्ग की अंतिम सीमा में हैं। - पवन, एथलेटिक्स खिलाड़ी
खिलाड़ी रोजाना मैदान पर मेहनत कर रहे हैं और प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ तैयारी कर रहे हैं। लेकिन कब मुकाबला होगा, इसकी जानकारी नहीं होने से खिलाड़ियों में निराशा बढ़ रही है। - नविन, एथलेटिक्स खिलाड़ी
......शिवम