हिमाचल प्रदेश में स्थित कुछ ऐतिहासिक गुरुद्वारों पर गैर-सिखों ने कब्जा कर वहां के सिखों का बायकाट कर दिया है। एसजीपीसी इन गुरुद्वारों को कब्जा मुक्त करवाए। जालंधर स्थित बाबा जीत सिंह निर्मल कुटियां जौहला को आदेश दिया है कि बाबा जसपाल सिंह अपनी सेवाएं निभाते रहेंगे। जो भी इस आदेश को नहीं मानेगा उसके विरुद्ध मर्यादायों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिट की रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि निवर्तमान जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह पर लगे आरोपों की जांच कर रही सात सदस्यीय कमेटी ने अभी तक पूरे आरोपों की जांच नहीं की है। कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट श्री अकाल तख्त को सौंपे। उन्होंने कहा कि ज्ञानी इकबाल सिंह को पांच सिंह साहिबान ने श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कोई भी न्यौता नहीं दिया था।
ज्ञानी इकबाल सिंह डेरा साध गुरमीत सिंह को माफी देने पर पूर्व जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह और श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख सिंह को अकाल तख्त में तलब करने की मांग कर रहे हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) कर रही है। उनकी जांच के बाद ही वह कोई निर्णय लेंगे।
एकजुटता से मनाया जाए 550वां प्रकाश पर्व
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी को निर्देश दिए हैं कि श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व एकजुटता से मनाए जाने का प्रबंधक किया जाए। इसके लिए एसजीपीसी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ संपर्क स्थापित करे। सुल्तानपुर लोधी में आयोजित कार्यक्रमों में एक स्टेज लगाई जाए। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिखों को निर्देश दिए हैं कि श्री गुरु हर राय साहिब का गुरता गद्दी पर्व को वातावरण दिवस के रूप में मनाया जाए।
इस पवित्र दिन न केवल पेड़ लगाए जाएं, साथ-साथ घर, गांव, शहर और मोहल्लों की सफाई में भी योगदान डाला जाए। इस पावन मौके पर श्री तख्त दमदमा साहिब में आम के 200 पौधे लगाए जाएंगे।