टायर पिघलाने की फैक्टरी में हुआ हादसा
विशेषज्ञों के अनुसार बॉयलर का तापमान 90 डिग्री के लगभग था जिस वजह से मजदूर सिर से लेकर पांव तक झुलस गए। जानकारी के अनुसार एरिया के लोग इस फैक्ट्री का कई बार विरोध कर चुके हैं क्योंकि टायर चलाने पर प्रतिबंध है। हादसे के बाद फैक्ट्री संचालकों ने गेट पर ताला लगा दिया हैं। वहीं दूसरी फैक्ट्री बिना नाम पते के ही संचालित की जा रही थी।
लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी
रहमियां कॉलोनी के पास यह फैक्टरी चल रही है जिससे आसपास के लोग काफी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि जब यह फैक्टरी चलती है तो इस की चिमनी से काली राख घरों में गिरती है। जो कि कपड़ों बर्तन आदि में जम जाती है और उन बर्तनों का इस्तेमाल करने पर लोगों को सांस टीवी कैंसर आदि तक बीमारियां हो रही है।
बता दें कि यह फैक्ट्रियां दिन रात रिहायशी इलाके में चलती रहती है। इन फैक्ट्रियों की वजह से लोगों मे जानलेवा बीमारियां बढ़ रही है। इससे पहले 5 साल पहले एक फैक्टरी सोम नदी के पुल पर भी लगी हुई थी। जिसकी वजह से छछरौली वासियों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही थी। जिसके बारे में छछरौली निवासी कई लोगों ने लिखित में शिकायत भी दी थी।
उसके बाद यह फैक्टरी बंद हो गई थी। पुराने टायर से तेल निकालने की फैक्टरी जब चलती है तो उसकी चिमनी से काले रंग का इतना गुबार उठता है कि आसमान भी उस काले धुएं से काला हो जाता है।
सूचना मिली थी कि दादूपुर रोड पर टायर का तेल निकालने वाली फैक्टरी में बॉयलर फट गया है। जिसमें काफी मजदूर घायल हो गए हैं। फैक्टरी जाकर घटनास्थल का दौरा किया है। फैक्टरी वैध या अवैध तरीके से चल रही इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी सामने आएगा कार्रवाई कर दी जाएगी। -नरेश गौतम, तहसीलदार।
हादसे में झुलसे मजदूर सुभाष के बयान पर फैक्टरी मालिक अंकुर मंगला के खिलाफ 336 व 337 धाराओं के अनुसार केस दर्ज कर लिया गया है। -कमलजीत सिंह, प्रभारी, थाना छछरौली।